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बच्चे की मौत का मामला: कार्रवाई के नाम पर कंपाउंडर पर केस, डॉक्टर को बचा रहे अफसर

Sat, 28 Sep 2019 12:06 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डेढ़ साल के कार्तिक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के देहली गेट स्थित पुष्पांजलि हॉस्पिटल में आठ सितंबर को डेढ़ साल के कार्तिक की मौत के मामले में सीएमओ की जांच रिपोर्ट में कंपाउंडर को दोषी ठहराया गया है। इस आधार पर पुलिस ने लापरवाही से मौत होने का मुकदमा दर्ज किया। जबकि, बच्चे के परिजनों ने डॉक्टर को भी जिम्मेदार ठहराया था।
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जीवनी मंडी निवासी राजकुमार चौहान ने डेढ़ साल के बेटे कार्तिक को निमोनिया होने पर चार सितंबर को पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। आठ सितंबर को कंपाउंडर के इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी मौत हो गई थी। राजकुमार ने डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। लेकिन, पुलिस ने सीएमओ की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही।

सीएमओ की जांच रिपोर्ट में कंपाउंडर जीतू कुशवाहा को दोषी ठहराया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया कंपाउंडर की लापरवाही से मौत हुई है। घटना वाले दिन वो इंजेक्शन लगा रहा था तभी दूसरा कर्मचारी उसे मोबाइल दे गया। वो बात करता हुआ बाहर चला, बाद में वापस आकर कार्तिक को इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद कार्तिक की मौत हो गई।
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परिजनों ने डॉक्टर को भी ठहराया जिम्मेदार

इस पर पुलिस ने राजकुमार से शुक्रवार को दूसरी तहरीर लिखवाई, तब कंपाउंडर के खिलाफ लापरवाही से मौत के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि राजकुमार का कहना है कि अस्पताल में मरीज के भर्ती होने के बाद अस्पताल संचालक और डॉक्टर पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। 

इसके बावजूद पुलिस ने मुकदमे में उनको नामजद नहीं किया। तहरीर भी बदलवा दी। थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि सीएमओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। विसरा की जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

ड्यूटी के दौरान नहीं करना चाहिए मोबाइल का इस्तेमाल

जांच अधिकारी डॉ. योगेश्वर दयाल और डॉ. यूबी सिंह ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि अस्पतालों में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ कार्य के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करे। स्टाफ का नाम, पदनाम, डिग्री का डिस्प्ले किया जाए। मरीज के तीमारदार को जांच रिपोर्ट, दवाओं के पर्चे सुविधाओं की जानकारी लिखित में दी जानी चाहिए। रोगी के उपचार में पारदर्शिता होेनी चाहिए।
 
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