इस पर पुलिस ने राजकुमार से शुक्रवार को दूसरी तहरीर लिखवाई, तब कंपाउंडर के खिलाफ लापरवाही से मौत के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि राजकुमार का कहना है कि अस्पताल में मरीज के भर्ती होने के बाद अस्पताल संचालक और डॉक्टर पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।
इसके बावजूद पुलिस ने मुकदमे में उनको नामजद नहीं किया। तहरीर भी बदलवा दी। थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि सीएमओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। विसरा की जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
ड्यूटी के दौरान नहीं करना चाहिए मोबाइल का इस्तेमाल
जांच अधिकारी डॉ. योगेश्वर दयाल और डॉ. यूबी सिंह ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि अस्पतालों में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ कार्य के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करे। स्टाफ का नाम, पदनाम, डिग्री का डिस्प्ले किया जाए। मरीज के तीमारदार को जांच रिपोर्ट, दवाओं के पर्चे सुविधाओं की जानकारी लिखित में दी जानी चाहिए। रोगी के उपचार में पारदर्शिता होेनी चाहिए।