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भाजपा में 'अनदेखी' से आहत कैबिनेट मंत्री और सांसद, पार्टी के एक बड़े नेता पर लगाए आरोप

Fri, 25 Jan 2019 02:58 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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बीजेपी
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यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल और फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल ने आगरा के सांसद रामशंकर कठेरिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बघेल का कहना है कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में और फिर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यक्रम में उनकी अनदेखी की गई। 

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चौधरी बाबूलाल का आरोप है कि विभिन्न विकास कार्यों की शिलापट्टिकाओं पर उनका नाम नहीं लिखा गया। नितिन गडकरी के कार्यक्रम में कठेरिया ने मंच से उनका नाम भी नहीं लिया जबकि वह वहीं पर मौजूद थे। बाबूलाल का यह भी आरोप है कि अधिकारी कठेरिया के इशारे पर उनकी अनदेखी कर रहे हैं। 

एसपी सिंह बघेल का कहना है कि जानबूझकर सार्वजनिक मंचों से उनका अपमान किया जा रहा है। कोठी मीना बाजार में 9 जनवरी को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में उनके प्रोटोकाल की अवहेलना की गई। 

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मंच पर नहीं मिला स्थान

प्रदेश के अन्य मंत्री प्रधानमंत्री के मंच पर थे और उन्हें मुख्य मंच के पास बने छोटे मंच पर बिठाया गया, जहां भाजपा के मंडल स्तर के पदाधिकारी बैठे थे। मंच के पीछे प्रधानमंत्री का स्वागत करने वालों में भी उन्हें स्थान नहीं दिया गया। इस घटना से समर्थक, अनुयायी बेहद नाराज हुए थे। उन्होंने किसी तरह उन्हें शांत किया।

अब बुधवार को तारघर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर बैठे अतिथियों को सूची में एसपी सिंह बघेल का नाम तीसरे नंबर पर और सांसद चौधरी बाबूलाल का नाम चौथे नंबर पर था लेकिन सांसद रामशंकर कठेरिया और मेयर नवीन जैन ने दोनों का नाम ही नहीं लिया। जबकि वहां बैठे सभी विधायकों का नाम पुकारा गया। एक विधायक चौधरी उदयभान सिंह मौजूद नहीं थे लेकिन उनका भी नाम लिया गया। 

बाबूलाल और जगन पहले खोल चुके हैं मोर्चा

विकास कार्यों का श्रेय लेने के मामले में फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल, रामशंकर कठेरिया के खिलाफ पहले भी मोर्चा खोल चुके हैं। सिविल एन्क्लेव की बाउंड्रीवाल के शिलान्यास से भाजपा में बवंडर खड़ा हो गया था। इसके बाद विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने भी मेयर और सांसद कठेरिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। 

इस मामले को शांत करने के लिए पार्टी नेतृत्व को मैदान में कूदना पड़ा था। बाबूलाल ने नौकरशाही को आड़े हाथ लिया था। 2018 में तत्कालीन डीएम गौरव दयाल, एसडीएम सदर और एसडीएम किरावली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने गौरव दयाल पर तो भाजपा नेताओं को लड़ाने और पार्टी में दरार डालने का आरोप भी लगाया था। 
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तीनों नेताओं के बयान

किसी सार्वजनिक मंच से नेता का इस तरह अपमान किया जाए तो यह उस नेता का अपमान नहीं, उसके समर्थकों, प्रशंसकों का अपमान है। नेता तो भूल भी जाए लेकिन उसके समर्थक और अनुयायी अपमान को भूलते नहीं हैं। समय पर आने पर वे इसका जवाब जरूर देते हैं। यह सब जानबूझकर किया जा रहा है। घमंड तो रावण का भी नहीं रहा। हम तो आम इंसान हैं।
-प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री

अधिकारी जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं। इस मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, डा. सत्यपाल सिंह, कमिश्नर अनिल कुमार और जिलाधिकारी से शिकायत की है। नितिन गडकरी की सभा में सांसद रामशंकर कठेरिया और मेयर नवीन जैन ने नाम नहीं लिया था तो मैंने भी उन दोनों का नाम नहीं लिया। शुरुआत उन्होंने की थी, अंत मैंने किया।
-चौधरी बाबूलाल, सांसद फतेहपुर सीकरी

गडकरी की सभा में उनका नाम न लेना भूलवश हुआ है। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मैं इसके लिए क्षमा मांगता हूं। प्रधानमंत्री की सभा में जो कुछ हुआ है, वह मेरे हाथ में नहीं था। वहां तो सब कुछ ऊपर से तय हुआ था।
-डॉ. रामशंकर कठेरिया, सांसद आगरा लोकसभा
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