अब सात कोसीय परिक्रमा गोवर्धन और राधाकुंड का हिस्सा बन गई है। अब अधिकारियों की योजना सीमा विस्तार के बाद गोवर्धन को नगर पंचायत से नगर पालिका बनाने की है। यह मंशा शासन को भी बता दी गई है। संभावना है कि जल्द ही योगी सरकार इसकी घोषणा कर देगी।
क्षेत्रीय विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह ने बताया कि उन्होंने गोवर्धन को पालिका बनाने का प्रस्ताव दिया था। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भी जनपद आगमन पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मांग का फिर संज्ञान दिलाया। उन्होंने जल्द इसे पूर्ण करने का भरोसा दिया था। मुख्यमंत्री के आदेश पर सीमा विस्तार हो गया है। अब जल्द ही गोवर्धन नगर पालिका बन जाएगी।
गोवर्धन की आबादी- 30 हजार
राधाकुंड की आबादी- 20 हजार
ग्रामीण क्षेत्र की आबादी- 20 से 25 हजार
सीमा विस्तार -गांव सकीतरा, आन्यौर, गोवर्धन ब्राह्मणान, जतीपुरा, जमुनावता, गोवर्धन गोरवा, अहमदपुर और राधाकुंड क्षेत्र की आबादी।
ब्रज में वृंदावन के बाद सबसे अधिक श्रद्धालुओं का आगमन गोवर्धन में हो रहा है। ऐसे में राज्य सरकार गोवर्धन को नगर पालिका का दर्जा देती है तो ये संसाधनों की दृष्टि से जिले की सबसे मजबूत पालिका होगी। विकास की दृष्टि से भी यहां सर्वाधिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
चार साल पहले गोवर्धन को मिला था तहसील का दर्जा
30 जून 2015 को तत्कालीन अखिलेश सरकार ने गोवर्धन को तहसील का दर्जा दिया था। इसके लिए स्थानीय लोगों ने लंबा आंदोलन भी किया था। चार साल पहले अखिलेश सरकार ने गोवर्धन वासियों की मांग के अनुरूप तहसील का दर्जा दिया था। यह जनपद की 5वीं तहसील बनी थी। इससे पहले गोवर्धन सिर्फ नगर पंचायत के साथ ब्लॉक मुख्यालय ही हुआ करता था।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें