प्रदेश सरकार को आठ महीने के भीतर 62000 मजरों को रोशन करना है। केंद्र सरकार ने समय से काम पूरा करने के लिए निर्देशित किया है। 31 दिसंबर 2018 का लक्ष्य तय किया गया है।
विद्युतीकरण में लगी कंपनी ने और समय मांगा था, लेकिन सरकार ने समय सीमा बढ़ाने से साफ इंकार कर दिया है। प्रदेश में जो मजरे बिजली से वंचित हैं, उनमें सबसे बड़ी संख्या पूर्वांचल के जनपदों में बताई जा रही है।
लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, झांसी, कानपुर, फैजाबाद, आजमगढ़ और बस्ती क्षेत्र के मजरों में विद्युतीकरण के काम में तेजी लाने को कहा गया है। आगरा, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर मंडल में भी काम सुस्त है।
यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कुछ मजरों में बिजली के पोल उपलब्ध न होने के कारण काम रोक दिया गया है। कुछ जगहों पर छोटे ट्रांसफार्मर कम पड़ गए हैं। विभाग ने उन कंपनियों से सामान तेजी के साथ उपलब्ध कराने को कहा है, जिनसे अनुबंध किया गया है।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अप्रैल तक सरकार 60 हजार मजरों में बिजली पहुंचा चुकी है। अभी 62000 मजरों में बिजली का काम रह रहा है।
केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार से कहा है कि दिसंबर 2018 तक हर हाल में सभी गांव में बिजली पहुंच जानी चाहिए। आठ महीने के भीतर हर हाल में काम पूरा किया जाना है।
280 अफसर करेंगे मानीटरिंग
electricity demo pic
उन्होंने बताया कि विद्युतीकरण का काम समय से पूरा करने के लिए 280 अधिकारियों को मानीटरिंग के लिए लगाया गया है। यह अधिकारी हर 15 दिन पर काम की रिपोर्ट सरकार को देंगे।
केंद्रीय टीम भी समय-समय पर चेकिंग करेगी। इस टीम में बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ दूसरे विभागों के लोग भी लगे हैं।