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ताजमहलः सुप्रीम कोर्ट के डर से अब इन योजनाओं का भी नहीं होगा शिलान्यास

Wed, 25 Oct 2017 05:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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ताज महल - फोटो : SELF
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वर्ल्ड बैंक से कर्ज लेकर ताजमहल पश्चिमी गेट पर मल्टीलेवल पार्किंग, विजिटर सेंटर की योजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों गुरुवार को किया जाना था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्वी गेट की निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग को चार सप्ताह में ढहाने का आदेश दिया तो अधिकारियों ने अब पश्चिमी गेट पार्किंग का शिलान्यास टाल दिया है। 
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पश्चिमी गेट विजिटर सेंटर, पार्किंग की योजना को न तो नेशनल मान्यूमेंट अथारिटी की अनुमति मिली है और न ही पर्यावरण और टीटीजेड की। ऐसे में प्रोजेक्ट का बिना अनुमति शिलान्यास स्थगित कर दिया है। यह प्रोजेक्ट 85.77 करोड़ रुपये का था। 

बता दें कि वर्ल्ड बैंक की मदद से प्रो-पूअर डेवलपमेंट योजना के तहत बन रही तीन योजनाओं का पर्यटन विभाग ने शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों प्रस्तावित किया था। ताजमहल विवाद के बाद योगी ने ताजमहल के लिए 156 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास कर भरपाई का प्रयास किया, लेकिन इनमें से 85.77 करोड़ की योजना का शिलान्यास टल गया है। 
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दरअसल, पूर्वी गेट की तरह ही पश्चिमी गेट पर पर्यटन विभाग ने विजिटर सेंटर और मल्टीलेवल पार्किंग प्रस्तावित की थी। अमरूद का टीला पार्किंग ताज से 700 मीटर दूरी पर है और दो साल में इसका निर्माण पूरा करने की समय सीमा तय की गई थी। 

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद घबराए अधिकारियों ने इस योजना को शिलान्यास कार्यक्रम से हटा दिया। दरअसल, इस योजना को किसी भी विभाग से अनुमति नहीं मिली है। 
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ताज-किला के बीच वॉक वे पर संकट के बादल

ताजमहल और आगरा किला के बीच शाहजहां पार्क से होते हुए वॉक वे का निर्माण भी वर्ल्ड बैंक के कर्ज पर किया जाएगा, लेकिन इस योजना का अधिकांश हिस्सा आगरा किला के 300 मीटर परिधि और ताजमहल के 500 मीटर परिधि में आएगा। इसके लिए नेशनल मान्यूमेंट अथारिटी की मंजूरी जरूरी है, जिसके लिए आवेदन किया गया है, लेकिन मंजूरी अब तक नहीं मिली है। 

केवल कछपुरा में पार्किंग विकास को एएसआई की एनओसी मिल सकी है। ऐसे में वॉक वे पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पर्यटन अधिकारियों के मुताबिक ताज और किला के बीच बिना अनुमति के क्षेत्र में काम शुरू कराया जा सकता है, लेकिन अगर अथारिटी की अनुमति नहीं मिली तो पूर्वी गेट की तरह जोर का झटका लग सकता है।
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