बैठक में आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह व अधिकारीगण
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आगरा में आबकारी एवं मद्य निषेद्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि मथुरा के अलावा किसी अन्य धार्मिक नगरी या प्रदेश में शराबबंदी की फिलहाल कोई योजना नहीं है। मथुरा में भी पूरे जिले में शराबबंदी नहीं होगी, सिर्फ विकास प्राधिकरण की सीमा में आने वाली दुकानें ही बंद की जाएंगी। इसके लिए जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा।
गुरुवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मथुरा में शराबबंदी के लिए एक प्रस्ताव आया था, जिस पर कैबिनेट ने अपनी मोहर लगा दी है। यहां शराब की 32 दुकानों को शिफ्ट किया जाएगा। 28 दुकानों को शिफ्ट कर भी दिया गया है। इससे 11 करोड़ का राजस्व प्रभावित होगा।
फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद बाबूलाल चौधरी की प्रदेशभर में शराबबंदी की मांग पर आबकारी मंत्री ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है। इस तरह के फैसले कोई अकेला एक मंत्री नहीं ले सकता।
मंत्री ने माना कि राजस्थान सीमा से लगे क्षेत्रों में शराब तस्करी, निर्धारित समय के अलावा शराब की बिक्री और ओवर रेटिंग (तय रेट से अधिक) की सूचनाएं मिल रही हैं। प्रवर्तन दल के माध्यम से इसके लिए छापेमारी कराई जा रही है।
आबकारी मंत्री ने कहा कि पिछले 25 सालों से विभाग की कार्यशैली कुछ और थी। प्रदेश में जब से भाजपा सरकार आई है, तब से इसमें बदलाव लाने के लिए सख्ती की गई है। इसका असर भी जल्द दिखेगा।
उन्होंने कहा कि मानक और नियमों को ताक पर रखकर आबकारी के जो लाइसेंस जारी किए गए हैं, उन सभी की जांच कराई जाएगी। जिन आबकारी इंसपेक्टरों की रिपोर्ट पर यह जारी किए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
इससे पहले आबकारी मंत्री ने पांच मंडलों आगरा, अलीगढ़, कानपुर, झांसी और चित्रकूट अंतर्गत 21 जिलों की समीक्षा बैठक की। इसमें प्रमुख सचिव आबकारी कल्पना अवस्थी, आबकारी आयुक्त धीरज साहू सहित आबकारी विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।