उन्होंने बताया कि मतगणना पूर्ण होने के बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की पांच वीवीपैट गिनी जाएंगी। इनका चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। गिनती के बाद इसका मिलान कंट्रोल यूनिट से भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉटरी के दौरान एक वीवीपैट का चयन करने के बाद पहले उसकी पर्चियां गिनी जाएंगी। इसके बाद ही द्वितीय वीवीपैट का चयन किया जाएगा।
बोर्ड पर प्रदर्शित होगा प्रत्येक राउंड का परिणाम
आचार्य धीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रत्येक राउंड पूर्ण होने के बाद उसका परिणाम पंडाल के बाहर लगे बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने बोर्ड का आकार छह बाई आठ फुट का रखने के आदेश दिए हैं। इस पर हर राउंड के बाद प्रत्याशीवार मिले वोटों को दर्ज किया जाएगा। वहीं, गणना टेबलों से प्रत्येक राउंड के वोटों को प्राप्त कर उसके टैबुलेशन का कार्य करने के लिए दो अतिरिक्त टेबलें भी लगाई गई हैं।
आपत्ति की दशा में आरओ और प्रेक्षक करेंगे निर्णय
मतगणना के दौरान अगर किसी गणना अभिकर्ता या प्रत्याशी को मतों की गिनती को लेकर कोई आपत्ति है तो उसका निदान गणना टेबल पर नहीं होगा। इसके लिए अभिकर्ता, गणना सुपरवाइजर को कंट्रोल यूनिट के साथ आरओ टेबल पर जाना होगा। यहां प्रेक्षक की मौजूदगी में आरओ ही आपत्ति का निर्णय करेंगे। जब तक ये निर्णय नहीं हो जाता है तब तक दूसरी टेबलों पर भी गिनती के लिए नई कंट्रोल यूनिट नहीं लाई जाएगी।