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UP Crime: एटा में अपहरण के बाद युवक की हत्या, 50 लाख की मांगी गई थी फिरौती

Sat, 03 Sep 2022 08:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

घर से देर रात गणेश महोत्सव में गए युवक की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। अपहरणकर्ताओं ने 50 लाख की फिरौती की मांग की थी। फिरौती न मिलने पर युवक को मार दिया गया।
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मृतक के घर जुटी लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा के जलेसर क्षेत्र में युवक की हत्या कर दी गई। युवक 31 अगस्त को गणेश महोत्सव में शामिल होने के लिए गया था। उसके बाद घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश भी की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। शुक्रवार रात युवक का शव मिला। सूचना पर परिजन और पुलिस पहुंच गई। परिवार के लोगों ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने 50 लाख रुपये फिरौती मांगी थी। 
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जलेसर के मोहल्ला पोस्ती खाना निवासी 22 वर्षीय युवक गोपाल वर्मा 31 अगस्त से लापता था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। परिजनों ने बताया कि इसके बाद गोपाल के फोन से 50 लाख की फिरौती मांगी गई थी। फिरौती का कॉल आने से घरवालों के होश उड़ गए। पिता मुकेश वर्मा ने पुलिस को बेटे के अपहरण की जानकारी दी।

क्षत विक्षत हालत में मिला शव 

फिरौती के लिए आए फोन कॉल का ऑडियो भी पुलिस को दिया। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई लेकिन अपहरणकर्ताओं तक नहीं पहुंच सकी। फिरौती की रकम 50 लाख रुपये देने के लिए जगह का निर्धारण किया गया, यहां पर पुलिस भी गई लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। शुक्रवार की रात करीब 12 बजे थाना क्षेत्र के ही गांव कलवारी समसपुर रोड पर क्षत विक्षत शव पड़ा मिला।

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अपहरण और हत्या की वजह स्पष्ट नहीं

एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि युवक के अपहरण के बाद पुलिस पूरी तरह से सक्रिय थी, अपहरण व हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस कई तथ्यों को लेकर जांच कर रही है। युवक सराफा कारीगर था। फिरौती के लिए सराफा कारीगर की हत्या की घटना के बाद लोगों में आक्रोश है। घटना के विरोध में सराफा एसोसिएशन और व्यापारियों ने शनिवार को बाजार बंद रखा। 

आभूषण बनाने का करता था काम

अपहरणकर्ताओं के निशाने पर गोपाल वर्मा कब आया, यह कोई नहीं जानता। लेकिन सोने-चांदी के आभूषणों का काम करने वाला गोपाल धनवान भी नहीं था। इसके बाद भी अपहरण कर हत्या की गई। इसके पीछे की क्या वजह है इसकी जांच पुलिस कर रही है। गोपाल वर्मा सुबह अखबार भी वितरित करता था और इसके बाद मूल कार्य करता था। पिता मुकेश कुमार वर्मा चाट का ठेले लगाते हैं। 

 

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