मथुरा की छाता सीट से विधायक और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण के बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने रालोद को पटपांव (दुर्भाग्यशाली) बताते हुए कहा कि जिस पार्टी के साथ उसका गठबंधन हुआ उसका सूपड़ा साफ हो गया। लोकसभा चुनाव में गठबंधन के चलते ही भाजपा 400 सीटों में से 240 पर आ गई।
मथुरा की छाता विधानसभा सीट से विधायक और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने रालोद को पटपांव (दुर्भाग्यशाली) बताते हुए कहा कि जिस पार्टी के साथ उसका गठबंधन हुआ, उसका सूपड़ा साफ हो गया। भाजपा-रालोद के गठबंधन के कारण लोकसभा चुनाव में भाजपा 400 से 240 सीटों पर आ गई।
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वहीं, रालोद नेता और पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह ने मंत्री के इस बयान पर इस्तीफे की मांग कर डाली। ये बातें कैबिनेट मंत्री ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहीं। दरअसल पूरा मामला रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के कुछ दिन पूर्व मथुरा आगमन से जुड़ा हुआ है।
जयंत चौधरी अचानक ही पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह के आवास पर पहुंचे थे। इसके बाद आगामी विधानसभा चुनाव में छाता सीट रालोद के खाते में आने की चर्चा शुरू हो गई थी। इसको लेकर जब कैबिनेट मंत्री से बात की गई तो उन्होंने रालोद को आड़े हाथों लिया।
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उन्होंने कहा कि रालोद की स्थापना का मुहूर्त ऐसा हुआ कि वह जिसके साथ गई, उसका सूपड़ा साफ हो गया। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, वीपी सिंह, नरसिम्हा राव, एचडी देवगौड़ा, इंद्रकुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी का रालोद गठबंधन के चलते सूपड़ा साफ हो गया।
मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने प्रदेश की राजनाथ सरकार और सपा के साथ रालोद के गठबंधन के चलते उनका पत्ता साफ होने की भी बात कही। उन्होंने दावा किया जब भाजपा के साथ रालोद का गठबंधन अटल जी के समय हुआ था तो उन्होंने भाजपा के तत्कालीन सीएम राजनाथ सिंह को रालोद के पटपांव होने के प्रति आगाह किया था। गठबंधन के बाद भी मुजफ्फरनगर और कैराना जैसी सीटें भाजपा हार गई।
रालोद का वोटर नहीं देता भाजपा को वोट: कैबिनेट मंत्री
कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि भाजपा को रालोद का वोट कभी नहीं मिलता है। लोकसभा चुनाव 2024 में मथुरा सीट पर रालोद का वोट कांग्रेस को मिला, जिससे उसका आंकड़ा बढ़ गया। उन्होंने कहा कि रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद मथुरा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। तब वे छाता विस क्षेत्र से 85 हजार वोट से हारे थे।
उन्होंने कहा कि छाता विधानसभा सीट को लेकर रालोद नेता गलतफहमी में हैं, मथुरा में कोई भी सीट रालोद को नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि जो सीटें भाजपा ने मथुरा में बड़े अंतर से जीती हैं, उन्हें वह रालोद को क्यों देगी। उन्होंने रालोद नेता और पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह को फ्यूज ट्रांसफार्मर बताया।
उन्होंने कहा कि रालोद से उनका कोई विरोध नहीं है, लेकिन वह सच कह रहे हैं और सच कहना बुराई नहीं है। उन्होंने कहा कि तेजपाल सिंह सपा में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव से मिल आए थे, इसीलिए जयंत दौड़कर मथुरा पहुंचे और उन्हें लॉलीपॉप दे गए। इधर उनके बयान पर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर लोग की टिप्पणी कर रहे हैं।
रालोद के गर्भ से पैदा हुए हैं लक्ष्मीनारायण
कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण के बयान पर रालोद ने भी पलटवार किया। सोमवार को रालोद कार्यालय पर हुई पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह ने कहा कि कैबिनेट मंत्री रालोद के गर्भ से पैदा हुए हैं, वह उनकी जननी है। उन्होंने बिना सोचे समझे यह बयान दिया है। भाजपा को भी उन्होंने नहीं बख्शा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सहयोगी पार्टी होते हुए भी वह गठबंधन धर्म को निभाना नहीं जानते हैं और अपनी पार्टी को भी नहीं बख्शते हैं। उन्होंने ऐसे मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहली बार चौ. लक्ष्मीनारायण ने छाता सीट से चुनाव लड़ा था। उनके लिए पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने झोली फैलाकर वोट मांगे थे, जिसके बाद ही वह पहली बार जीतकर विधायक बने थे।
उम्र बढ़ने के साथ भाजपा नेता दिग्भ्रमित हो जाते हैं। बढ़ती उम्र में नेताओं को सोच समझकर बोलना चाहिए। रालोद गठबंधन से ही भाजपा को लोकसभा चुनाव में 240 सीटें मिलीं। नहीं तो भाजपा 200 पर भी नहीं पहुंच रही थी।- त्रिलोक त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव, संगठन रालोद