एसएन मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए एडवांस अस्पताल बनेगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) आधारित लैब और ऑपरेशन थिएटर भी होंगे। आधुनिक मशीनें भी खरीदी जाएंगी। बच्चों के हृदय, पेट और जननांगों से जुड़ी हुई जटिल सर्जरी रोबोट करेंगे। योगी सरकार ने बजट में 130 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
बजट से मिनी एम्स की राह आसान होगी। 125 करोड़ रुपये बाल अस्पताल और हॉस्टल-फ्लैट के लिए मंजूर किए गए हैं। बाल रोग विभाग के लिए 250 बेड का अस्पताल बनेगा। ये 10 मंजिला भवन होगा। इसमें पांच ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसमें हृदय में छेद, फेफड़े, पेट, अविकसित जननांगाें, न्यूरोसर्जरी समेत सभी मर्ज के ऑपरेशन हो सकेंगे।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए रोबोट से सर्जरी की भी सुविधा मिलेगी। एआई आधारित लैब भी बनेगी, जिसमें बच्चों की बीमारी का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। भविष्य की बीमारियां भी चिह्नित हो सकेंगी। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनें और उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके लिए भवन का निर्माण गेस्ट हाउस के सामने किया जाएगा।
विभागों के लिए खरीदी जाएंगी मशीनें
बजट में मशीन-उपकरणों की खरीद के लिए 5.50 करोड़ रुपये भी मंजूर किए हैं। इसमें मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी, ईएनटी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेत्र रोग समेत विभिन्न विभागों के लिए मशीन-उपकरणों की खरीद की जाएगी।
डॉक्टरों के लिए फ्लैट, छात्रों के लिए बनेंगे हॉस्टल
बजट में मिले धन से टाइप-2 के 24 फ्लैट और डॉक्टरों के लिए टाइप-5 फ्लैट बनेंगे। इसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए टाइप-2 के 24 फ्लैट और टाइप-5 के 80 फ्लैट बनेंगे। नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए 220 कमरों के हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसमें 440 विद्यार्थी ठहर सकेंगे।
1000 वाहनों के लिए बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग
एसएन में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी। 400 चार पहिया वाहन और करीब 600 दुपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसमें भूमिगत पार्किंग भी होगी।
नए भवनों के लिए बनाई जाएगी डीपीआर
प्राचार्य एसएन मेडिकल कॉलेज डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इंटीग्रेटेड प्लान में बाल रोग विभाग, हॉस्टल और फ्लैट के लिए बजट मिला है। ये 250 बेड का एडवांस अस्पताल होगा। इसमें बच्चों की जांच, इलाज और सर्जरी की सुविधा मिलेगी। डीपीआर बनवाई जा रही है।
आसपास के जिलों के मरीजों को भी मिलेगी राहत
आईएमए अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि एसएन मिनी एम्स की तर्ज पर विकसित हो रहा है। एसएन में आगरा और पड़ोसी जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।