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यूपी बोर्ड: मथुरा जिले में 79 हजार 203 विद्यार्थी बिना परीक्षा के होंगे प्रोन्नत

Fri, 04 Jun 2021 01:00 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

यूपी बोर्ड के 10वीं और सीबीएसई की परीक्षाएं पहले ही रद्द की जा चुकी हैं। अब जिले में लगभग 80 छात्र-छात्राएं प्रोन्नत किए जाएंगे।
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यूपी बोर्ड : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद गुरुवार को यूपी कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी बोर्ड की 12वीं परीक्षा भी रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। दोनों बोर्ड की परीक्षाएं रद्द होने के बाद मथुरा जिले के 10वीं और 12वीं के 79 हजार 203 छात्र-छात्राएं प्रोन्नत होंगे। 

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परीक्षा रद्द होने के बाद जिले के 10वीं के 528 कॉलेज के 41 हजार 834 तथा 12वीं के 330 कॉलेजों के 37 हजार 369 छात्रों को प्रोन्नत होने का लाभ मिलेगा। इससे पहले 10वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद 12वीं परीक्षा कराए जाने की चर्चा थी। इससे अभिभावक और विद्यार्थी चिंतित थे। 

परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब छात्र-छात्राओं के मन में अब यह सवाल आ रहा है कि 12वीं के अंक किस आधार पर दिए जाएंगे। इस बारे में विभाग विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है। परीक्षा का परिणाम इंटरनल असेस्मेंट या प्री बोर्ड परीक्षा के परिणाम पर आधारित हो सकता है। 

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पहली बार जिले का परिणाम होगा शत-प्रतिशत
माना जा रहा है कि ऐसा पहली बार होगा कि जिले का परिणाम शत-प्रतिशत होगा। 10वीं और 12वीं के 79 हजार 203 छात्रों के प्रोन्नत होने के बाद जिले का परिणाम शत-प्रतिशत की श्रेणी में दर्ज हो जाएगा। 

जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते सरकार ने परीक्षा रद्द का फैसला विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया है। जिले में 79 हजार 203 छात्र 10वीं और 12वीं के प्रोन्नत होंगे। विभाग के आदेशानुसार मूल्यांकन किस प्रकार किया जाएगा, उसके लिए भी रिपोर्ट भेज दी जायेगी।

चंपा अग्रवाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राकेश कुमार माहेश्वरी ने कहा कि कक्षा 12वीं की परीक्षा निरस्त करने का शासन द्वारा लिया गया निर्णय स्वागत योग्य है। वर्तमान परिस्थिति में परीक्षा कराना संभव नहीं था। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य व जीवन के लिए यह निर्णय आवश्यक था। साथ ही इस निर्णय से वर्तमान शिक्षा सत्र भी समय से पूर्ण हो पाएगा। 
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