रिजल्ट के बाद खुशी मनाते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा जिले में इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम पिछली साल के मुकाबले कम रहा है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों के ही रिजल्ट में गिरावट देखने को मिली है। इसका कारण प्रदेश में सत्ता परिवर्तन भी हो सकता है। बता दें कि मथुरा नकल के लिए प्रदेश में कुख्यात जिला रहा है। इस कारण इस बार प्रदेश में सरकार बदलने के बाद यहां के कई सेंटरों को डिबार कर दिया गया था।
बता दें कि इस बार मथुरा में 88,000 से अधिक परीक्षार्थियों ने 194 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल-इंटर की परीक्षा दी थी। गत वर्ष की अपेक्षा इस बार हाईस्कूल में परीक्षार्थियों के पास होने का कुल प्रतिशत गिरा है। बीते साल हाईस्कूल में मथुरा 94.41 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश में तीसरे नंबर पर रहा था। जबकि इस बार 89.99 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर खिसक गया है।
वहीं इंटरमीडिएट में गत वर्ष 83.30 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा पास की थी जबकि इस बार 80.87 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा उत्तीर्ण की है। हालांकि इंटरमीडिएट में प्रदेश में स्थान सुधरा है। पिछले साल जहां प्रदेश में 65वां नंबर था, वहीं इस बार 48वां स्थान है। इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होकर 23 अप्रैल तक संपन्न हुई थीं।