प्रायोगिक परीक्षा में जा रहे परीक्षक, मूल्यांकन पर असर पड़ेगा
यूपी बोर्ड की ओर से दूसरे चरण की इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं 27 अप्रैल से शुरू करा दी गई हैं। अब आगरा जिले के शिक्षक दूसरे जिलों में परीक्षक के तौर पर प्रायोगिक परीक्षा कराने जा रहे हैं। परीक्षकों की कमी का असर मूल्यांकन पर पड़ेगा। बृहस्पतिवार को पांचों मूल्यांकन केंद्रों पर 2292 में से 1368 परीक्षकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। बृहस्पतिवार की अपेक्षा चार परीक्षक कम हो गए। उप प्रधान परीक्षक 236 लगाए गए हैं, 175 ने कॉपियों का मूल्यांकन किया। बुधवार की अपेक्षा तीन कम हो गए।