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UP Board Exam: नकल रोकने के लिए बनाया गया बड़ा प्लान, 23 सेक्टर और 171 स्टेटिक मजिस्ट्रेट

Mon, 19 Feb 2024 09:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

 यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा 22 फरवरी से शुरू होने जा रही है। परीक्षा के लिए जिले को छह जोन में बांटा गया है। 39 अतिसंवेदनशील और 21 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर पैनी नजर रहेगी। 
 
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यूपी बोर्ड एक्जाम, यूपी बोर्ड परीक्षा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा 22 फरवरी से शुरू होने जा रही है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए जिले को छह जोन में बांटा गया है। हर जोन में एक जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 171 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। 171 परीक्षा केंद्रों में 39 अतिसंवेदनशील और 21 संवेदनशील केंद्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
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171 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। 22 फरवरी से 9 मार्च तक परीक्षा चलेगी। पहला पेपर हिन्दी विषय का होगा। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय तैयारी में लगा हुआ है। परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 3876 और बेसिक शिक्षा विभाग के 1737 शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाई गई है।
इस बार परीक्षा में हाईस्कूल के 64709 और इंटर के 59397 परीक्षार्थियों ने फार्म भरे है। कुल 1,24,106 परीक्षार्थी परीक्षा में भाग लेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों को उत्तरपुस्तिकाओं का वितरण किया जा चुका है। प्रश्न पत्रों का वितरण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। इसके साथ सभी केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक भी लगाए गए है।
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पांच सचल दल रोकेंगे नकल को
परीक्षा के दौरान नकल पर नजर रखने के लिए 5 सचल दल का गठन किया जा रहा है। सभी सचल दल प्रभारियों की सूची तैयार कर ली गई है। मंडल का सचल दल संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई करेगा।

फर्जी परीक्षार्थियों पर रखी जाएगी नजर
बोर्ड परीक्षा में नकल से अधिक मामले फर्जी परीक्षार्थियों के सामने आते हैं। इस बिंदु पर भी ध्यान दिया गया है। केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को प्रवेशपत्र की ठीक से जांच करने का निर्देश दिया गया है। इससे कोई फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा में बैठ न सके। पिछले वर्ष आधा दर्जन से अधिक फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए थे।
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