छात्रों के स्वास्थ्य को दी गई प्राथमिकता
चाहरवाटी इंटर कॉलेज अकोला के प्रवक्ता डॉ. योगेंद्र सिंह चाहर ने कहा कि 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा को रद्द करना सरकार का अच्छा कदम है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई थी। इस समय परीक्षा को रद्द करना जरूरी था।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीख घोषित हो
रामकृष्ण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सोमदेव सारस्वत ने कहा कि परीक्षा रद्द करना उचित निर्णय है। नीट व जेईई आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीख जल्द घोषित कर देनी चाहिए। जिससे विद्यार्थी उनकी तैयारी में लग जाएंगे।
विद्यार्थी बोले- परीक्षा रदद करने के फैसले से खुशी हुई
जीआईसी के छात्र देवकांत शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए घर से बाहर निकलने में डर लगता है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होना खतरनाक था। परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से खुशी हुई। छात्र नितेश सोनी ने कहा कि परीक्षाएं बार-बार स्थगित होने से तनाव बना हुआ था। तारीख निर्धारित न होने से परीक्षा की तैयारी भी उतनी अच्छे से नहीं हो पा रही थी। ऐसे में परीक्षा रद्द किया जाना अच्छा है।
कुछ कष्ट हुआ पर फैसला अच्छा
श्री नारायणी गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा नेहा पाठक ने कहा कि परीक्षा रद्द किए जाने के निर्णय से कुछ कष्ट तो हुआ पर यह कदम विद्यार्थियों के हित में है। कोरोना से तमाम परिवारों में लोग संक्रमित हुए और मौतें भी हुईं। ऐसे में परीक्षा कराना उचित नहीं था। छात्रा कामना कुमारी ने कहा कि परीक्षाएं जरूरी होती हैं, इस वर्ष परिस्थितियां विपरीत हैं। सरकार ने 12वीं की परीक्षा रद्द करने का निर्णय हमारे हित में ही लिया है। विद्यार्थी स्वस्थ रहेंगे तो ही वह अपना भविष्य बेहतर बना सकते हैं।