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यूपी: महानगर और जिलाध्यक्ष के सहारे बीजेपी ने मथुरा में साधा जातिगत समीकरण, इन्हें मिली जिम्मेदारी

Fri, 15 Sep 2023 04:02 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

महानगर और जिलाध्यक्ष के सहारे मथुरा में भाजपा ने जातिगत समीकरण साधा है। युवा ब्राह्मण चेहरे निर्भय पांडे को जिले की कमान दी गई है। वहीं आरएसएस के वरिष्ठ कार्यकर्ता घनश्याम लोधी को महानगर की जिम्मेदारी सौंपी है। 
 
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UP BJP District President List - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को मथुरा में लंबे समय से चल रही जिला व महानगर अध्यक्ष के पद की खींचतान पर विराम लगा दिया। पार्टी ने युवा ब्राह्मण चेहरे निर्भय पांडे को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है, वहीं पिछड़ा वर्ग से आने वाले आरएसएस के वरिष्ठ कार्यकर्ता घनश्याम लोधी को महानगर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी है। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी में बेहद सधे हुए जातिगत समीकरण के सहारे मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति बनाई है।
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भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि 40 वर्षीय निर्भय पांडे को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप गई है। वह मूलरूप से कोसीकलां के रहने वाले हैं। पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। इससे पहले किसान मोर्चा के जिला महामंत्री, युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष, जिला महानगर मंत्री के पद पर रह चुके हैं। पिछले 3 साल से उन पर कोई पद नहीं था। पदविहीन रहते हुए संगठन में कम कर रहे थे। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले निर्भय पांडे ने कहा कि पार्टी ने उनको जो जिम्मेदारी दी है। इसका निर्वहन पूरी मेहनत के साथ करेंगे। लोकसभा चुनाव जीताकर दिखाएंगे। 

इधर, महानगर कार्यकारिणी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पार्टी ने 62 वर्षीय घनश्याम लोधी को दी है। पिछले 50 वर्ष से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे घनश्याम लोधी इससे पहले हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में उनके पास महानगर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा वह पिछड़ा वर्ग आयोग उत्तर प्रदेश के सदस्य भी हैं। इनको महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने के पीछे बताया जा रहा है कि पार्टी मथुरा लोकसभा के 3.50 लाख ओबीसी वोटरों को सीधे तौर पर साधने की रणनीति पर कम कर रही है। इधर मथुरा में करीब एक लाख लोधी वोट हैं, जिसे घनश्याम लोधी भाजपा के पक्ष में करने में सफल हो सकते हैं।
 

लोकसभा चुनाव को भाजपा ने बिछाई विसात 
आगामी 6 माह में लोकसभा का चुनाव होने जा रहा है। मथुरा लोकसभा सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है। वर्तमान में अभिनेत्री हेमा मालिनी यहां से सांसद हैं। श्रीराम जन्मभूमि मुद्दे के बाद भाजपा के पास अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा ऐसा है, जो वर्तमान में देशभर में छाया हुआ है। ऐसे में पार्टी संगठन मथुरा लोकसभा सीट पर कोई भी चूक करने की गुंजाइश नहीं छोड़ रही है। वोटरों को रिझाने के जातिगत समीकरणों को देखा जाए तो मथुरा लोकसभा में करीब 5:30 लाख ब्राह्मण वोट है। इस पूरे वर्ग को साधने की जिम्मेदारी जिला अध्यक्ष के तौर पर निर्भय पांडे और विधायक के तौर पर श्रीकांत शर्मा के कंधों पर है। 
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खेला बड़ा दाव
वहीं, जिले में 5 लाख जाट वोट है। इस वर्ग को साधने के लिए पार्टी ने हाल में हुए सहकारिता चुनाव में तेजवीर सिंह को उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक का अध्यक्ष बनवाया है। इससे पहले विधानसभा चुनाव में राजेश चौधरी और लक्ष्मी नारायण चौधरी पर दाव खेला। दोनों ही वर्तमान में भाजपा के विधायक हैं। इसके बाद ठाकुर वोट लोकसभा सीट पर तकरीबन 3.30 लाख है। इन वोटरों को रिझाने के लिए पार्टी के पास गोवर्धन विधायक ठाकुर मेक श्याम सिंह और एमएलसी ठाकुर ओमप्रकाश हैं। मथुरा शहर में वैश्य समाज का करीब 2 लाख वोट है। इनको रिझाने के लिए पार्टी लंबे समय से विनोद अग्रवाल पर दावा खेलती रही है। मेयर विनोद अग्रवाल अभी तक महानगर अध्यक्ष की भी कमान संभाल रहे थे। दो पद होने के चलते पार्टी ने उनसे महानगर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी वापस ली है।
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