जनसेवा चिकित्सालय के दस्तावेजों की जांच करते अधिकारी।
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गुरुवार को क्षेत्रीय जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार क्लीनिक पहुंचे तो यह संचालित मिला। फिर दस मरीज भर्ती मिले। डॉ. अनिल कुलश्रेष्ठ नहीं मिले। डीपी यादव नामक व्यक्ति मरीजों का इलाज कर रहा था। बताया कि डॉक्टर कुछ देर पहले चले गए।
डॉ. नरेंद्र कुमार ने कुबेरपुर में ही एक और क्लीनिक पर छापा मारा। यहां अखिलेश सिंह नाम का व्यक्ति बैठा मिला। वही इलाज कर रहा था। उसके बाद कोई डिग्री नहीं थीं। बोर्ड पर एक न्यूरो सर्जन का नाम लिखा हुआ था, वह मौजूद नहीं मिले। डिग्री दिखाने के लिए नोटिस जारी किया गया।
अवैध हॉस्पिटल व क्लीनिक पर मुकदमा दर्ज होगा
स्वास्थ्य विभाग टीम ने अगस्त में अभियान चलाकर पांच हॉस्पिटल और नौ क्लीनिक का संचालन अवैध पाया, इनमें सील लगा दी गई। अब संबंधित हॉस्पिटल और क्लीनिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए संबंधित थानों में तहरीर दी जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश वत्स के मुताबिक कुछ के खिलाफ तहरीर दी जा चुकी है।