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छापामारा तो पता लगा कि सील तोड़कर झोलाछाप कर रहे हैं इलाज

Sat, 01 Sep 2018 06:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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जनसेवा चिकित्सालय। - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में झोलाछाप न सिर्फ मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि इतने बेखौफ हैं कि सरकारी सील तोड़ने से भी घबरा नहीं रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कुबेरपुर में सामने आया, जहां आयुर्वेद क्लीनिक के पंजीयन पर मरीजों को भर्ती करके एलोपैथिक इलाज किया जा रहा था। क्लीनिक को सील कर दिया गया, तो झोलाछाप ने सील तोड़कर दोबारा इलाज चालू कर दिया गया। अधिकारियों ने दोबारा कार्रवाई की है। 

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क्षेत्रीय जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने गुरुवार को जन सेवा चिकित्सालय, कुबेरपुर में छापा मारा। यहां सील तोड़कर इसका संचालन किया जा रहा था। क्लीनिक में 10 मरीज भर्ती मिले। झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहा था, उसे नोटिस दिया गया।स्वास्थ्य विभाग टीम ने 18 अगस्त 2018 को जन सेवा चिकित्सालय कुबेरपुर में छापा मारा था।

इस क्लीनिक का पंजीकरण जन सेवा क्लीनिक के नाम से क्षेत्रीय जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के कार्यालय में था। डॉ. अनिल कुमार कुलश्रेष्ठ (बीएएमएस) के नाम से पंजीकरण है। क्लीनिक में 10 मरीज भर्ती थे, उनको एलोपैथी का इलाज दिया जा रहा था। बड़ी मात्रा में बायो मेडिकल वेस्ट भी मिला था। क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील कर दिया था। 

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जनसेवा चिकित्सालय के दस्तावेजों की जांच करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को  क्षेत्रीय जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार क्लीनिक पहुंचे तो यह संचालित मिला। फिर दस मरीज भर्ती मिले। डॉ. अनिल कुलश्रेष्ठ नहीं मिले। डीपी यादव नामक व्यक्ति मरीजों का इलाज कर रहा था। बताया कि डॉक्टर कुछ देर पहले चले गए।

डॉ. नरेंद्र कुमार ने कुबेरपुर में ही एक और क्लीनिक पर छापा मारा। यहां अखिलेश सिंह नाम का व्यक्ति बैठा मिला। वही इलाज कर रहा था। उसके बाद कोई डिग्री नहीं थीं। बोर्ड पर एक न्यूरो सर्जन का नाम लिखा हुआ था, वह मौजूद नहीं मिले। डिग्री दिखाने के लिए नोटिस जारी किया गया। 

अवैध हॉस्पिटल व क्लीनिक पर मुकदमा दर्ज होगा

स्वास्थ्य विभाग टीम ने अगस्त में अभियान चलाकर पांच हॉस्पिटल और नौ क्लीनिक का संचालन अवैध पाया, इनमें सील लगा दी गई। अब संबंधित हॉस्पिटल और क्लीनिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए संबंधित थानों में तहरीर दी जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश वत्स के मुताबिक कुछ के खिलाफ तहरीर दी जा चुकी है। 
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