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Unlock 5: कोरोना काल में सात फीसदी से भी कम अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार

Sat, 03 Oct 2020 12:15 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बोर्ड सचिव को सभी जिलों की रिपोर्ट भेजी, कक्षा नौ से 12 तक 617560 विद्यार्थी पंजीकृत
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स्कूल
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विस्तार
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यूपी बोर्ड के विद्यालयों को आंशिक रूप से खोलने के संबंध में एक अक्तूबर को मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) ने आगरा मंडल के चारों जिलों से प्राप्त रिपोर्ट सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजी। मंडल के सात फीसदी से भी कम अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए लिखित अनुमति प्रदान की है। 

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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक मंडल के 2508 विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक में कुल 617560 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। 40,816 अभिभावकों ने आंशिक रूप से स्कूल खोले जाने पर परामर्श के लिए विद्यार्थी को भेजने के लिए लिखित अनुमति दी है।


आगरा के 903 विद्यालयों में 239151 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। यहां के 23678 अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने की अनुमति दी है। संख्या दस फीसदी से भी कम है। मथुरा के 540 स्कूलों में 1,14,937 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। 10,112 अभिभावकों ने अनुमति दी है। मैनपुरी के 497 स्कूलों में पंजीकृत 1,28,427 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, महज 238 अभिभावकों ने अनुमति दी है। 
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फिरोजाबाद के 568 स्कूलों में 1,35,045 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। 6788 अभिभावकों ने विद्यार्थियों को स्कूल भेजने की अनुमति दी है। जेडी डॉ. मुकेश अग्रवाल का कहना है कि जिलों से प्राप्त रिपोर्ट बृहस्पतिवार को बोर्ड को भेज दी गई। 

...क्या कक्षा पांच से ऊपर की ही कक्षाएं संचालित होंगी

एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल आगरा (अप्सा) के अध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्र गुप्ता का कहना है कि यदि संक्रमण मुक्त क्षेत्रों के स्कूलों को खोला जाता है तो क्या कंटेनमेंट जोन के छात्रों और स्कूल के स्टाफ को स्कूल आने की अनुमति होगी? दस वर्ष तक के बच्चों को घर पर रहने के लिए कहा गया है, तो क्या कक्षा पांच से ऊपर की ही कक्षाएं संचालित की जाएंगी? जैसे सवालों के जवाब अभी मिलने हैं।

अभी पर्याप्त समय, योजना बनाई जा सकती है

नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल आगरा (नप्सा) के अध्यक्ष संजय तोमर का कहना है कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 15 अक्तूबर के बाद स्कूल खोले जाने चाहिए। कक्षावार अलग-अलग समय पर विद्यार्थियों को बुलाकर पढ़ाया जाना चाहिए। अभी पर्याप्त समय है, स्कूलों को खोलने के लिए मानकों को पूरा किया जा सकता है, योजना बनाई जा सकती है।

स्कूलों के खोलने का निर्णय गलत

आवास विकास सेक्टर-सात निवासी दीपक वार्ष्णेय ने बताया कि कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में 15 अक्तूबर से स्कूलों को खोले जाने का निर्णय गलत है। मैं इसके खिलाफ हूं। बरौली अहीर की स्वाति सिंह ने कहा कि स्कूलों को खोलने के निर्णय से मैं सहमत नहीं हूं। कोरोना संक्रमण की परिस्थितियों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। बच्चे संक्रमित हुए तो जिम्मेदार कौन होगा।
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संक्रमण खत्म होने तक स्कूल भेजना ठीक नहीं

दयालबाग के विवेद रायजादा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है। कोरोना संक्रमण खत्म होने तक बच्चों को स्कूल भेजना ठीक नहीं है। प्रतापनगर के अंकुर सिंघल ने कहा कि मुझे सरकार की मानसिकता समझ में नहीं आ रही है। स्कूल खोलने की ऐसी जल्दी क्या है। मैं अपने बच्चों को कतई स्कूल नहीं भेजूंगा। 

स्कूल खोलने का विरोध करेगी 'पापा' संस्था

प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स आगरा (पापा) के सदस्यों की बैठक बृहस्पतिवार को शहीद स्मारक में हुई। सदस्य दीपक सरीन बताया कि संस्था ने तय किया है कि 15 अक्तूबर से स्कूल खोले जाने के निर्णय का विरोध किया जाएगा। निर्णय बदले न जाने पर सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा। बैठक में स्कूलों की मनमानी के लिए 14 शिकायतें भी संस्था को प्राप्त हुई। इन्हें जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
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