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विश्वविद्यालय प्रशासन व छात्र संगठन अपने जिद पर अड़े

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आगरा। विश्वविद्यालय में परीक्षा फॉर्म की तिथि बढ़ाने को लेकर धरना प्रदर्शन करते एनएसयूआई के कार - फोटो : Agra City
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में मंगलवार को भी भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। मुख्य परीक्षा का फॉर्म भरने से वंचित रह गए छात्रों को एक और मौका दिए जाने की मांग बुलंद की। प्रतीकात्मक रूप से परीक्षा नियंत्रक को बैठाकर उनके समक्ष नारेबाजी की। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा हुआ है और छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने के लिए अब और मौका देने के लिए तैयार नहीं है।
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मुख्य परीक्षाएं 24 जुलाई से शुरू होनी है। परीक्षा केंद्र तय हो चुके हैं। अब प्रवेशपत्र जारी किया जाना है। एनएसयूआई के कार्यकर्ता जिद पर अड़े हुए हैं कि जो छात्र परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए हैं, उन्हें एक अवसर दिया जाना चाहिए। अभी बड़ी संख्या में छात्र फॉर्म नहीं भर पाए हैं। गत कई दिनों से वह इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में बैठे नहीं थे। इसके बाद उनके कार्यालय के बाहर ही एनएसयूआई एक कार्यकर्ता को प्रतीकात्मक रूप से परीक्षा नियंत्रक के रूप में बैठाकर छात्रों का भविष्य बर्बाद न करने की प्रार्थना और नारेबाजी की। मौके पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव व पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। विरोध प्रदर्शन में संगठन के जिलाध्यक्ष सतीश सिकरवार, प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव शर्मा, बिलाल अहमद, प्रदेश महासचिव अंकुश गौतम, ललित त्यागी, राष्ट्रीय संयोजक मान्या शर्मा, रुचि वर्मा, कुलदीप दीक्षित, नितिन प्रताप, विकास कुमार, आकाश चंद्रा, शैलेंद्र तोमर आदि शामिल रहे।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव की ओर से हरीपर्वत थाने में तहरीर दी गई है कि सतीश सिकरवार उनके साथ आए दो-तीन अन्य साथ 19 जुलाई को रात 11 बजे परिसर में जबरन घुस आए और विश्वविद्यालय के निर्णयों के विरुद्ध दीवारों पर ‘परीक्षा तिथि बढ़ाओ-एनएसयूआई’ लिख दिया। सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो वह उनको धक्का देकर जबरन घुस गए। यह कहा गया है कि छात्रों की ओर से परिसर में अराजकता व अशांति फैलाने का काम किया जाता है।
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