आगरा जिले में होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। जगनेर ब्लाक के गांव सरैंधी में एक बार फिर 700 वर्ष पुरानी परंपरा जीवंत हुई। यहां होली पर झू मेले में अनूठे खेल का आयोजन परंपरागत तरीके से सोमवार सुबह करीब नौ बजे से शुरू हुआ। इस अनूठे खेल को देखने के लिए हजारों लोग उमड़े। सभी लोग गांव सरैंधी के पूर्वज अचलम बाबा मंदिर पर एकत्रित हुए।
बाबा लाखन सिंह ने करीब 700 वर्ष पूर्व सरैंधी गांव बसाया था। बाद में वे अचलम बाबा को यहां का जागीरदार नियुक्त कर गए। बड़ा गांव होने के कारण गांव में चौबीस थोक मोहल्ले हैं, जिन्हें छह पार्टियों (टीकैत पार्टी, लौहरी पार्टी, बढ़ी पार्टी, थोक हवेली, चौक, तिहाय के नाम) के रूप में भी जाना जाता है। बाबा अचलम सिंह गांव के मध्य में बने अपने स्थल पर दरबार लगाकर न्याय करते थे।
होली पर यहां दरबार में लगने वाले झू मेले में अनूठे खेल का विशेष महत्व हैं। पड़वा के दिन गुलाल की होली खेलने के बाद सभी हुरियारे नहा धोकर हनुमान रूपी वेशभूषा में लंगोटी पहनकर अपने घरों के बाहर खड़े हो जाते हैं। उधर, गांव का नट ढोल नगाढ़ा बजाते हुए पूरे गांव की परिक्रमा करता है। इसके बाद लोग नट के पीछे जुड़ते हुए बाबा अचलम के दरबार में पहुंचते हैं।