आगरा मेट्रो की राह में बिजली, पानी, सीवर, गैस और फाइबर की 207 पाइप लाइनें और केबिल रोड़ा बन सकती हैं। इन्हें निर्माण के दौरान ही शिफ्ट किया जाएगा। 30 किमी लंबे दोनों कॉरिडोर के नीचे 14 विभागों की 524 भूमिगत लाइन और केबिलों का जाल बिछा है। इनकी गहराई 1.5 से 6 मीटर तक है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) को 18 विभागों से सूची मिली है। इनमें 14 विभागों की 207 लाइनें डायवर्ट होंगी। इनमें सबसे ज्यादा पानी की 36 पाइपलाइन हैं। इनका व्यास 8 से 30 इंच तक है। ये पाइप लाइन कास्ट आयरन व पीवीसी निर्मित हैं। मेट्रो रूट के आड़े आने के कारण इन्हें हटाया जाएगा।
यूपीएमआरसी के अधिकारी ने बताया कि जब जिस सेक्शन में काम शुरू होगा, वहां संबंधित विभागों को पहले सूचित किया जाएगा। कई लाइन ऐसी हैं जिन्हें संबंधित विभाग खुद हटाएंगे जबकि कुछ लाइनों को यूपीएमआरसी बदलेगी। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कहीं कोई लाइन बिना जुड़े न रह जाए ये सुनिश्चित किया जाएगा।