कासगंज। शहर में विद्युत तारों के मकड़ जाल से होते हादसों पर नियंत्रण के लिए जनप्रतिनिधि और विद्युत विभाग गंभीर हुआ है। बीते दिनों अमर उजाला द्वारा छेड़ी गई मुहीम के बाद जनप्रतिनिधियों की सहमति से प्रभारी मंत्री ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव पर फिर से पहल आगे बढ़ाते हुए प्रभारी मंत्री ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता से रिपोर्ट मांगी है।
नगर के बाजारों में विद्युत लाइनों, खंभों और ट्रांसफार्मरों का ऐसा मकड़ जाल फैला हुआ है जो हादसों का कारण है। सड़कों के किनारे तमाम विद्युत पोल लगे हुए हैं। इससे नगर के बाजारों और विभिन्न बस्तियों के मार्ग संकरे हो गए हैं। आए दिन विद्युत केबिलें टूटती रहती हैं। कहीं हाइटेंशन लाइन की गार्डिंग नहीं है तो कहीं विद्युत केबिलें झूल रही हैं। बाजारों और गलियों में करंट के दहशत से लोग परेशान हैं। लोगों की इस समस्या को अमर उजाला ने पिछले वर्ष सितंबर माह में सिलसिलेवार उठाया था। उस समय जिले के प्रभारी अनिल शर्मा ने जनप्रतिनिधियों की संस्तुति पर भूमिगत विद्युत केबिल का प्रस्ताव विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजा था। इस प्रस्ताव पर गंभीरता से काम नहीं हुओ तो प्रभारी मंत्री ने सख्त नजरिया अपनाया है। प्रभारी मंत्री ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता संदीप अग्रवाल से प्रस्ताव संबंधी पूरी रिपोर्ट मांग ली है। निर्देश दिए हैं कि जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर शहर में चयनित किए गए स्थानों पर विद्युत लाइन बिछाने की प्रक्रिया के काम को आगे बढ़ाएं।
आंकड़े की नजर से-
- 18 किलोमीटर लंबी है शहर में हाईटेंशन लाइन।
- 40 किलोमीटर लंबी है शहर में लोटेंशन लाइन।
- 300 ट्रांसफॉर्मर लगे हैं नगर में विभिन्न स्थानों पर।
- 4600 पोल लगे हैं नगर की विभिन्न गलियों व बाजारों में।
वर्जन-
मांगी है रिपोर्ट
- विद्युत विभाग के प्रबंध निदेशक से इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों से भूमिगत विद्युत केबिल संबंधित रिपोर्ट जल्द से जल्द मंागी गई है- अनिल शर्मा, जिला प्रभारी मंत्री।
कुछ स्थानों पर चल रहा काम
- कुछ स्थानों पर अंडरग्राउंड विद्युत केबिल बिछाने के प्रस्ताव की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। अभी अधीनस्थ अधिकारियों से रिपोर्ट मांगकर तैयारियों पर चर्चा की है- संदीप अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, विद्युत।