मैनपुरी। जिला विकास अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा बुधवार को एक शिकायती पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया था। इसमें डीडीओ का चार्ज बदलवाने की मांग के साथ ही अन्य आरोप लगाए गए थे। कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर लिखित में अपने बयान दिए। इसमें प्रशासनिक अधिकारी के दबाव में शिकायती पत्र पर हस्ताक्षर करने की बात कही। कर्मचारियों ने ये पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपे हैं।
जिला विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को एक शिकायती पत्र जिलाधिकारी को भेजा। इसकी प्रतिलिपि मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री को भी की थी। शिकायत में कहा कि पूर्व जिला विकास अधिकारी पीके राय के निलंबन के बाद पूरे एक दिन अभिलेखों का मिलान किया गया। इससे कर्मचारी परेशान रहे। वहीं कुछ फाइलें गुम होने पर अधिकारियों द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की शिकायत की थी। इसके अलावा जिला विकास अधिकारी के पद कार्यभार भी बदलने की मांग की थी। शिकायती पत्र में कुल 14 कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए थे लेकिन रातभर में ही कर्मचारी पलट गए। कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर जिला विकास अधिकारी केके सिंह को लिखित में अपने बयान सौंपे। इसमें छह कर्मचारियों ने प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा मिश्रा और वरिष्ठ सहायक मयंक तिवारी के दबाव में आकर शिकायती पत्र में हस्ताक्षर करने की बात कही। साथ ही शिकायती पत्र से खुद को पृथक बताया। वहीं अन्य लोगों ने भी दबाव में आकर हस्ताक्षर करने की बात लिखी, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं खोला। सभी ने पत्र में किसी प्रकार की कोई शिकायत न होने की बात कही है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी बोलीं, जल्दबाजी में लिया निर्णय
पूरा मामला तब और पेचीदा हो गया जब प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा मिश्रा ने भी एक लिखित बयान जिला विकास अधिकारी को सौंपा। उन्होंने कहा है कि उन्होंने शिकायत का निर्णय जल्दबाजी में लिया है। ऐसे में वे इस शिकायत को वापस लेना चाहती हैं। उनके साथ दो अन्य कर्मचारियों ने भी इसी प्रकार के पत्र लिखे हैं।
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फर्जी हस्ताक्षर की भी कही बात
जिला विकास अधिकारी केके सिंह को दिए गए पत्रों में से एक में कर्मचारी ने फर्जी हस्ताक्षर किए जाने की बात भी कही है। अगर किसी कर्मचारी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं तो ये अपराध की श्रेणी में है। ऐसे में ये भी जांच का विषय है कि आखिर फर्जी हस्ताक्षर किसने और क्यों किए।
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वर्जन
जिलाधिकारी को कौन सा शिकायती पत्र भेजा गया, इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को लिखित बयान दिए। इसमें शिकायती पत्र पर उनसे दबाव में हस्ताक्षर कराने की बात कही है। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। -केके सिंह, जिला विकास अधिकारी।