गंजडुंडवारा (कासगंज)। 30 बच्चों के अपहरण और हत्या में कथित रूप से शामिल सीरियल किलर रविंदर कुमार के चाचा व उनके परिजन को जब उसके कारनामे के बारे में जानकारी मिली तो वे हैरत में आ गए। उन्होंने बताया कि रविंदर इतना बड़ा अपराध कर देगा इस बात का भरोसा नहीं हो रहा है।
रविंदर के चाचा महेश चंद्र का परिवार अभी भी कस्बे के मोहल्ला बरीथोक में रहता है। उनका कहना है कि वे चार भाई थे। रविंदर के पिता ब्रह्मानंद सबसे बड़े थे। करीब 25-30 साल पहले वह मजदूरी करने के लिए परिवार के साथ दिल्ली चले गए। उस समय उनकी कोई संतान नहीं थी। उनकी छोटी सी झोपड़ी मोहल्ला बरी थोक में थी। वह उन्होंने बेच दी और उसके बाद कभी गांव में वापस नहीं आए। दिल्ली में ही उनके बच्चों का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि नूरपुर गांव में रविंदर की दो मौसी रहती थीं। एक मौसी का नाम शारदा और दूसरी का नाम मुन्नी था। इन दोनों के ही कोई बच्चे नहीं थे और उनकी मौत भी हो गई। उन्होंने बताया कि रविंदर कभी उनके घर तो नहीं आया, लेकिन नूरपुर आया था। उन्होंने कभी रविंदर को नहीं देखा। रविंदर के कृत्य पर चाचा ने हैरत जताते हुए कहा कि इतना बड़ा मामला कैसे बन सकता है। उन्होंने इसके पीछे साजिश की भी आशंका व्यक्त की।