नवजात शिशु को बिलखता देखकर लोगों का कलेजा कांप गया। वे मासूम को फेंकने वाले को कोसने लगे। लोगों ने कहा, गनीमत रही कि यमुना की लहरों से तस्ला पलटा नहीं। अन्यथा मासूम की जान भी जा सकती थी। जिसने भी मासूम को नदी में फेंका, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
मथुरा में इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी लावारिस नवजात मिल चुके हैं। 12 अप्रैल को राया थाना क्षेत्र में रामलला आश्रम के समीप झाड़ियां में जीवित नवजात बच्ची मिली थी।
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