अकोला/कागारौल/लादूखेड़ा। भीषण गर्मी में बिजली विभाग की अघोषित कटौती ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। 45 डिग्री तापमान में 24 घंटे में से महज 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे लोग कूलर-पंखे के बिना बिलबिलाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार अकोला में रोजाना रोस्टर के अनुसार सुबह 5:30 बजे से 10:00 बजे तक साढ़े चार घंटे और शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक 3 घंटे कटौती की जाती है। इसके अलावा दिन में भी बार-बार ट्रिपिंग और आंख-मिचौली जारी रहती है। कुल मिलाकर 24 घंटे में से 12 से 14 घंटे बिजली मिल रही है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच जब तापमान 45 डिग्री पार कर जाता है, तभी बिजली सबसे ज्यादा काटी जाती है। न पंखा चलता है न कूलर। छोटे बच्चे और बुजुर्गों का बुरा हाल है। रात में भी 2-2 घंटे के लिए लाइट चली जाती है, जिससे लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती। लगातार कटौती से ग्रामीणों के इनवर्टर भी जवाब दे गए हैं। पानी की मोटर न चलने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। बिजली की अघोषित कटौती से आक्रोशित ग्रामीणों अशोक लवानियां, अरुण कांत लवानियां, शैलेंद्र सिंह उर्फ शैली, सत्यभान सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्बाध आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे बिजली उपकेंद्र पर ताला बंदी कर प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
वहीं, कागारौल से पोषित कस्बे सहित दर्जनों गांवों में अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं। व्यापारी कृष्णा उपाध्याय, अचल रावत, ऋषि छौंकर, मोनू शर्मा और विनोद चाहर ने बताया कि लगातार बिजली की आवाजाही से दुकानदारी प्रभावित हो रही है तथा कम वोल्टेज के कारण विद्युत उपकरण भी सही तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं।
लादूखेड़ा विद्युत उपकेंद्र से संचालित 25 गांवों भीषण गर्मी में बिजली सुचारु न होने के चलते ग्रामीण परेशान हैं। रोस्टर के अनुसार देहात क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत सप्लाई देने का प्लान है लेकिन केवल 10 घंटे ही विद्युत सप्लाई दी जा रही है। दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक विद्युत सप्लाई काट दी जाती है जिसके चलते दिन की लू भरी गर्मी में बिना पंखे- कूलरों के बैठना पड़ता है। रात में भी बार-बार बिजली कटने के चलते लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है।