यूक्रेन से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले आगरा के छात्रों को केंद्र सरकार के निर्देश का इंतजार है। इनकी परीक्षाएं संचालित हैं और फाइनल प्रोफेशनल की परीक्षाएं हो गई हैं। इनको देश के ही मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने और इंटर्नशिप कराने का निर्णय भारत सरकार के पाले में हैं। ऐसे में छात्रों को इसकी चिंता सता रही है।
यूपी आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुधीर धाकरे ने बताया कि आगरा के करीब 30 छात्र यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। इसमें एमबीबीएस प्रथम से अंतिम वर्ष तक के छात्र हैं। इनमें अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं ऑनलाइन हो गई हैं, बाकी की परीक्षाएं संचालित हैं। इनके अगले प्रोफेशनल में प्रवेश, इंटर्नशिप और देश के ही मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल और केंद्र सरकार को निर्णय लेना है। इस बाबत छात्र चिंतित हैं।
यूक्रेन से मेडिकल कॉलेज के कुलपतियों से भी फोन पर बात कर वहां के ताजा हालात के बारे में जानकारी की है, लेकिन अभी वहां से बुलावे की कोई स्थिति नहीं है। सिकंदरा निवासी हार्दिक कुमार सिंह ने बताया कि कीव के नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के छात्र हैं, तीन परीक्षाएं ऑनलाइन हो गई हैं, तीन बाकी हैं। इसके बाद कहां प्रवेश लेना है, इसके लिए चिंतित हैं। भारत सरकार के फैसले पर उम्मीद टिकी है।