गोरखपुर में नारकोटिक्स की दवाएं पकड़े जाने के बाद जीएसटी विभाग ने रविवार को दवाओं से लदे दो ट्रक पकड़े। जानकारी पर औषधि विभाग की टीम ने दवाओं के बिल और रिकॉर्ड जांचे हैं। दो दवाओं के नमूने लिए हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने बताया कि लखनऊ एक्सप्रेसवे और मथुरा रोड से पकड़े गए ट्रकों के माल के जीएसटी नंबर में गड़बड़ी थी। औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार और कपिल शर्मा को जांच के लिए भेजा। एक्सप्रेसवे पर पकड़े गए ट्रक में कोई नारकोटिक्स की दवा नहीं मिली। ये लखनऊ और मेरठ जा रहा था। फर्म मालिक अमित वर्मा बुलाए गए। बिल और लाइसेंस की जांच की। इस ट्रक में लदी दवाओं में से एंटीबायोटिक और पेट रोग की दवाओं के नमूने लिए हैं।
दूसरा ट्रक कमला नगर के बाइजी मेडिको एंड सर्जिको फर्म का था, जो मथुरा और भरतपुर जाना था। इसमें मरीज को चढ़ाए जाने वाली ग्लूकोज की बोतलें भरी हुई थीं। इनके बिल और लाइसेंस की जांच की। नमूने फेल होने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच करा रहे हैं, कार्रवाई करेंगे
गोरखपुर में नारकोटिक्स की दवाएं आगरा से भेजी गई थीं, इसकी अभी जांच कर रहे हैं। संबंधित जिले के सहायक आयुक्त से भी पता कर रहे हैं। यहां से दवाएं भेजी गई हैं और मालिक भी यहीं के हैं तो पुलिस बल के साथ कार्रवाई करेंगे।
-अखिलेश जैन, सहायक आयुक्त औषधि आगरा मंडल