मैनपुरी। यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच यूक्रेन में फंसे जिले के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं का घर पहुंचना शुरू हो गया है। शुक्रवार को जिले के दो छात्र-छात्राएं अपने घरों पर सुरक्षित पहुंच गए। घर पहुंचे छात्र-छात्राओं ने भारत सरकार को यूक्रेन की सीमावर्ती देशों से बेहतर सुविधाएं देते हुए घर पहुंचाने के लिए बधाई दी है। शहर के निकटवर्ती गांव खरपरी निवासी सुबोध चौहान की पुत्री वर्तिका चौहान यूक्रेन के ल्वीव नेशनल मेडिकल यूनीवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा है। यूक्रेन पर रूस का हमला होने से वह यूक्रेन में ही फंस गई थी। बृहस्पतिवार को वह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची। यहां वर्तिका के चाचा नीरव चौहान ने उसे रिसीव किया। शुक्रवार को शताब्दी से वर्तिका इटावा रेलवे स्टेशन पहुंची जहां से उसके पिता सुबोध चौहान ने उसे रिसीव किया। घर पर पहुंचते ही परिजनों ने उसे गला लगा लिया। घर पहुंची वर्तिका ने मीडिया के साथ वार्ता में बताया कि यूक्रेन पर रूस के हमले की जानकारी उसे उसके पिता ने फोन से 24 फरवरी की सुबह चार बजे दी। उस समय वह सो रही थी। जब वह जागी और बाहर निकलकर देखा तो सायरन बज रहे थे। वर्तिका ने बताया कि वह ल्वीव में जिस हॉस्टल में थी वहां से 100 किमी की दूरी पर बमबारी हो रही थी।
उन्होंने बताया कि ल्वीव में 26 फरवरी को कर्फ्यू लगा। इसके बाद रूस का हमला तेज हुआ और उसे डर लगने लगा। वह अपने 200 अन्य सहपाठियों के साथ एयर सायरन बजते ही बंकर में चली जाती थी। उसने बताया कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने किसी प्रकार से सहयोग नहीं किया, जिसके चलते वह चिंतित थी। उसके सीनियर छात्रों ने बस का अपने पैसों से इंतजाम किया। जिसके लिए उसे भी 3250 रुपये देने पड़े। बस से वे लोग एक मार्च को सुबह छह बजे पोलैंड बॉर्डर के लिए निकले। नौ बजे वे लोग पौलेंड के बॉर्डर पर पहुंचे। करीब एक किमी पैदल चलने के बाद वे लोग पोलैंड पहुंचे। यहां भारतीय दूतावास और पोलैंड सरकार ने उनकी पूरी खातिरदारी की। सारा खर्च भारतीय दूताबास ने बहन किया। वर्तिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पोलैंड सरकार और पोलैंड में मौजूद भरतीय दूतावास को धन्यवाद दिया है।
घर पहुंचने पर अनुपम का हुआ जोरदार स्वागत
करहल की अहिंसा कॉलोनी निवासी अनुपम यादव शुक्रवार की शाम अपने घर पहुंचे। यहां घर पर पहले से मौजूद कस्बा के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। अनुपम ने बताया कि हंगरी में पहुंचने के बाद वह पूरी तरह सुरक्षित। हंगरी में मौजूद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उनका पूरा सहयोग किया। जिनके सहयोग से वह बुडापेस्ट से दिल्ली पहुंचा। अनुपम ने बताया कि यूक्रेन में रूस के हमले के दौरान वह कीव में काफी दहशत में था। कीव पर रूस का हमला लगातार जारी था। उसके बंकर के बाहर भी कई बार बमबारी हुई। इसके चलते वे लोग बंकर से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। रूस ने कीव को खाली करने की चेतावनी दी तो उसे बंकर से बाहर निकलने का मौका मिला। वह बस से साथियों के साथ हंगरी बॉर्डर पहुंचा। अनुपम के घर पहुंचने से परिवार में खुशी का माहौल है। अनुपम ने भी कहा कि यूक्रेन में मौजूद भारतीय दूतावास ने कोई सहयोग नहीं किया। हंगरी में में मौजूद भारतीय दूतावास के सहयोग से वह सुरक्षित घर पहुंचा है।
कोयना को दिल्ली पहुंचने के लिए फ्लाइट का इंतजार
करहल। करहल निवासी एमबीबीएस छात्रा कोयना यादव बुधवार को हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंच गई थी। परिजनों से हुई बात में कोयना ने बताया कि वह बुडापेस्ट में ही है। यहां फ्लाइट के लिए लंबी लाइनें लगी हुई हैं। उम्मीद है कि आज रात उसे फ्लाइट मिल जाए। कोयना के परिजन बेसब्री से उसका इंतजार कर रहे हैं।
रोमानिया से आज कार्तिक को मिल सकती है फ्लाइट
बेवर। बेवर के मोहल्ला महाजनान निवासी रामजी गुप्ता का पुत्र कार्तिक गुप्ता यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहा है। बृहस्पतिवार को कार्तिक रोमानिया पहुंच गया था। अब उसे दिल्ली के लिए फ्लाइट का इंतजार है। परिजनों से से ही बात में कार्तिक ने बताया कि रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट स्थित एयरपोर्ट पर वह मौजूद है। शनिवार को उसे दिल्ली के लिए फ्लाइट मिल सकती है। कार्तिक के परिजनों को उसके घर पहुंचने का इंतजार है।
रोमोनिया में सुरक्षित है कुरावली का राहुल
कुरावली। नगर के मोहल्ला फर्दखाना निवासी चीफ फार्मासिस्ट डॉक्टर सूरज पाल सिंह का 26 वर्षीय पुत्र राहुल जो यूक्रेन में एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहा है। बृहस्पतिवार को 25 घंटे की यात्रा के बाद रोमानिया सकुशल पहुंच गया था। शुक्रवार को राहुल से हुई वार्ता के बाद परिजनों ने बताया कि वह रोमानिया स्थित एयरपोर्ट पर मौजूद है। परिजनों ने बताया उम्मीद है कि वह राहुल को दिल्ली के लिए शनिवार को फ्लाइट मिल जाए।
स्नेहा को आज मिल सकती है बुडापेस्ट से फ्लाइट
शहर के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी निवासी देवेश यादव की पुत्री एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा स्नेहा यादव बृहस्पतिवार को हंगरी बॉर्डर पार कर हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंच गई थी। स्नेहा यादव के नाना शिवराज सिंह ने बताया कि स्नेहा शुक्रवार को बुडापेस्ट में भारतीय दूतावास की देख रेख में एक होटल में मौजूद है। शनिवार को उसे दिल्ली के लिए फ्लाइट म िलने की उम्मीद है। परिजन स्नेहा के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
भाई के पास दिल्ली पहुंचा अवनीश राठौर
मैनपुरी। शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी नरेंद्र सिंह राठौर का पुत्र अवनीश राठौर यूक्रेन से सुरक्षित रोमानिया होते हुए दिल्ली पहुंच गया। अवनीश को दिल्ली एयरपोर्ट पर भाई देवेश राठौर ने रिसीव किया। देवेश राठौर ने बताया कि अवनीश शुक्रवार को दिल्ली में ही रुकेगा। शनिवार को वे लोग उसे लेकर घर पहुंचेंगे। अवनीश के देश में सुरक्षित वापस होने पर उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है।
कुशांग ने बहन और बहनोई के साथ बिताया दिन
करहल के सिरसागंज रोड निवासी रनवीर सिंह यादव का बेटा कुशांग यादव यूक्रेन से सुरक्षित पोलैंड होते हुए बृहस्पतिवार की रात अपने बहन-बहनोई के पास शिकोहाबाद पहुंच गया था। शुक्रवार को उसने अपने बहनोई उपेंद्र यादव के साथ शिकोहाबाद में ही समय व्यतीत किया। पिता रनवीर सिंह यादव ने कहा कि कुशांग काफी थकान महसूस कर रहा है। वह शनिवार को ही घर पहुंचेगा।
रूस यूक्रेन सीमा पर फंसा हुआ है भोगांव का अभिषेक
भोगांव। थाना क्षेत्र के गांव जसवंतनगर निवासी पेशगार सिंह का पुत्र अभिषेक यूक्रेन में ही फंसा हुआ है। एमबीबीएस के छात्र अभिषेक ने शुक्रवार को परिजनों से हुई बात में बताया कि वह रूस के बॉर्डर की तरफ बढ़ रहा है। अभी रूस का बॉर्डर उससे 50 किमी दूरी है। उम्मीद है कि शनिवार को वह रूस पहुंच जाएगा। अभिषेक के युक्रेन में फंसे होने पर परिवार के लोग चिंतित हैं।