आरोपी शादाब है दिव्यांग
दोनों के बैग की तलाशी ली गई तो जीआरपी के होश उड़ गए। बैगों से 315 बोर के 500 और .32 बोर के 200 कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह दोनों फिरोजाबाद और अमरोहा से कारतूस खरीदकर बिहार और यूपी के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया करते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शादाब दिव्यांग है, लेकिन काफी शातिर किस्म का अपराधी है। दिव्यांग होने के कारण उस पर कोई शक भी नहीं करता था जिसका फायदा उठा रहा था।
अब तक हजारों कारतूस बेचे
पुलिस गिरफ्त में आए तस्कर शादाब व फैजान ने बताया कि वो फिरोजाबाद, अमरोहा व अन्य स्थानों से डिमांड के मुताबिक कारतूसों की खरीदारी करते हैं। वो 175 से 180 रुपये प्रति कारतूस खरीदते थे और 225 से 250 रुपए में बेच देते थे। अब तक दोनों उत्तर प्रदेश और बिहार में हजारों कारतूस सप्लाई कर चुके हैं।
कारतूस तस्करी के पीछे कहीं साजिश तो नहीं
एसपी जीआरपी मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। कुछ कड़ियां हाथ लगी हैं। जिससे कारतूस सप्लाई की असलियत सामने आएगी। इतनी भारी मात्रा में कारतूसों की बरामदगी से बड़ी साजिश से भी इंकार नहीं किया जा सकता। पूरे मामले की जल्द ही जानकारी हो जाएगी। पुलिस टीम अपने कार्य में लगी हुई है।