प्राधिकरण की पहल पर दो बंदी हुए रिहा
- नहीं था कोई जमानत लेने वाला
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर दो बंदी जेल से रिहा किए गए हैं। जमानत मंजूर होने के बाद भी जमानत लेने वालों के अभाव में दोनों बंदी जेल काट रहे थे। प्राधिकरण की पहल पर पैनल लॉयर की पैरवी के बाद उनकी जेल से रिहाई हो गई है।
जेल के दो बंदी जमानत मंजूर होने के बाद जमानतगीर नहीं होने से यह बंदी जेल से बाहर नहीं आ पा रहे थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर इन दो बंदियों की जेल से रिहाई हो गई है। पैनल लॉयर की पैरवी के बाद किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के मुकदमे में छुटई निवासी नजरापुर थाना तिर्वा जिला कन्नौज की रिहाई हुई है। मोहल्ला गाड़ीवान के रहने वाले अमन कश्यप की पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में रिहाई हुई है।
जानलेवा हमला करने के मामले में नौशाद अली निवासी कानूनगोयान करहल, मिलावटी शराब बेचने के मामले में विशाल निवासी गिहार कॉलोनी कचेहरी रोड, राज निवासी गिहार कॉलोनी करहल जमानत लेने वाले के अभाव में जेल में बंद हैं। चोरी के एक मुकदमे में राहुल कश्यप निवासी नगला जुला कोतवाली, ओडिसा के बोईसिंगा निवासी भानुमती प्रधान, मोहल बड़ामुलू निवासी सुशीलादास की जमानत मंजूर होने के बाद भी वह जेल काट रही हैं।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जेल से ऐसे बंदियों की सूची मांगी गई थी। जो जमानत मंजूर होने के बाद भी जमानत लेने वालों के अभाव में जेल में बंद हैं। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उनकी रिहाई के लिए पहल शुरू की गई है।
विमलेश सरोज, प्राधिकरण सचिव