सोरोंजी। तीर्थनगरी में सरकार का सर्व शिक्षा अभियान दम तोड़ता नजर आ रहा है। यहां नगर क्षेत्र में 14 विद्यालय संचालित हैं जिसमें 13 प्राथमिक विद्यालय व एक उच्च प्राथमिक विद्यालय है। जिनमें 966 बच्चे पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों का लंबे समय से अभाव है। दो प्रधानाचार्यों के जिम्मे यह विद्यालय संचालित हो रहे हैं। 6 शिक्षा मित्र ही इन बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
प्रदेश सरकार निरंतर प्राथमिक शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए विद्यालयों के कक्षों को डिजीटलीकरण के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। परन्तु विद्यालयों में शिक्षकों के अभाव में सरकार की यह योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रहीं। नगर क्षेत्र में दो प्रधानाचार्य ही तैनात हैं जिनमें एक हेड शाकिरा खातून जिन पर 8 विद्यालयों का जिम्मा है वहीं प्रोन्नत होकर बनीं प्रधान अध्यापिका रिचा सक्सेना पर 6 विद्यालयों का प्रभार है। तीर्थनगरी में 6 शिक्षामित्रों के अलावा 2 अनुदेशक ही विद्यालयों को संचालित कर रहे हैं। एक भी सहायक अध्यापक नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अपना केंद्र संचालित करती हैं, लेकिन वे 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को केंद्र पर पढ़ाती हैं। नगर के इन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती शासन स्तर से होती है लेकिन देखरेख नगर शिक्षा अधिकारी और बीएसए द्वारा ही की जाती है।
नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, इसकी जानकारी शासन को भेज दी गई है। इनकी तैनाती शासन स्तर से ही की जाएगी- सूर्य प्रताप सिंह, बीएसए रिपोर्ट पंकज पाराशरी