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Agra News: दिल्ली में कार की टक्कर से बाह के बाइक सवार छात्र समेत दो की मौत

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दोस्त संग हादसे में मृतक यशोधन की बेसुध मां कुसमा देवी एवं बहन जयश्री व अन्य परिजन
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बाह। दिल्ली के शाहबाद डेयरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात कार की टक्कर लगने से बाइक सवार जरार के यशोधन (18) और उसके दोस्त अंश निवासी रोहिणी, दिल्ली की मौत हो गई। दोनों दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने के लिए गए थे। हलवाई के कहने पर पनीर और टमाटर लेने बाइक से निकले थे।
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परिजन के मुताबिक यशोधन शाहबाद डेयरी क्षेत्र में रह कर सीए फाउंडेशन की तैयारी कर रहा था। रविवार की सुबह जरार शव पहुंचने पर परिवार में चित्कार मच गई।पूरा गांव शोक में डूब गया। जरार के दिनेश बघेल अपने परिवार के साथ दिल्ली के शाहबाद डेयरी क्षेत्र में रहते हैं। वह नमकीन बनाने वाली एक नामी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनका इकलौता बेटा यशोधन सीए फाउंडेशन की तैयारी कर रहा था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दोस्त की बहन की शादी थी। यशोधन अपने एक अन्य दोस्त के साथ बाइक से शादी में शामिल होने गया था। शादी समारोह में पनीर और टमाटर की हलवाई ने जरूरत बताई थी। रात दोनों बाइक से पनीर और टमाटर लेने के लिए निकले थे। बवाना रोड स्थित महादेव चौक के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में यशोधन और अंश दोनों की मौत हो गई। कार सवार 6 लोग चुटैल हुए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार एवं बाइक को अपने कब्जे में लिया। कार चालक आकाश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। रविवार सुबह परिजन यशोधन का शव लेकर जरार स्थित घर पर पहुंचे तो परिवारीजन बिलख पड़े। गमगीन माहौल में दोपहर बाद अंत्येष्टि कर दी गई। शोक में डूबे जरार में रविवार को किसी घर में चूल्हे तक नहीं जले।

घर का चिराग बुझा, बेहोश हुई मां



जरार के दिनेश बघेल एवं कुसुमा देवी की दो संतानों में बेटी जयश्री बड़ी है। मृतक छात्र यशोधन छोटा था। दोनों का भविष्य संवारने के लिए परिवार दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में रह रहा था। शुक्रवार की रात यशोधन की मौत के साथ ही घर का चिराग बुझ गया। बेटे का शव देखने के बाद दिनेश बघेल की आंखों में आंसू नहीं रुक रहे, कुसुमा देवी बेसुध पड़ी हैं। विनीता, मोहिनी, लक्ष्मी बेसुध पड़ी अपनी बहन कुसुमा देवी को संभाल रही हैं, उनके आंखों से भी आंसू बह रहे हैं। मृतक की बहन जयश्री की जब भी बेहोशी टूटती है तो उसके बोल सबको रुला देते हैं। वह कहती है कि ईश्वर ने उससे राखी वाली कलाई छीन ली। रक्षाबंधन पर किसको राखी बाधूंगी। किसे टीका करूंगी।
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