अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक)
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महिला से लूट और उनकी बेटी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने धौलपुर, राजस्थान के थाना राजाखेड़ा क्षेत्र के गांव नयाबांस निवासी तारा सिंह उर्फ तरैया और थाना निबोहरा क्षेत्र के गांव रामगढ़ निवासी वीर उर्फ भंडारी उर्फ जयवीर को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र नीरज कुमार बक्शी ने दोनों दोषियों को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
थाना फतेहाबाद में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार रघुवीर शर्मा ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 2 मई 2012 को वह पत्नी ममता शर्मा और पुत्री संध्या के साथ बाइक से रिश्तेदारी में आयोजित समारोह में शामिल होने धीमश्री जा रहे थे। रास्ते में सुबह करीब 9 बजे ग्राम खंडेर के पास बाइक सवार तीन बदमाश उनके पीछे लग गए। फायरिंग कर उन्हें बाइक रोकने पर मजबूर कर दिया।
गोली लगने के डर से उन्होंने बाइक रोक दी। बदमाशों ने आते ही हथियारों के बल पर पत्नी ममता से सोने के गहने और नकदी लूट ली। विरोध पर बदमाशों ने पुत्री संध्या के सिर में गोली मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जान से मारने की धमकी देकर फायरिंग करते हुए बदमाश भाग गए।
इलाज के दौरान पुत्री की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी तारा, वीर उर्फ भंडारी, बब्बू और भगवान दास उर्फ टिंकू को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से लूट के गहने मिले थे। आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेजा था। आरोपी बब्बू की जिला कारागार में अन्य मुकदमे में निरुद्ध रहने के दौरान मौत हो गई थी। अदालत ने उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी। आरोपी भगवान दास उर्फ टिंकू को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दे दिए।