अधिकारियों के निर्देश पर यहां भर्ती 10 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शिविर के पांचवें दिन बुखार से पीड़ित 75 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। रविवार को दिन के समय यहां डॉ.पपेंद्र कुमार, डॉ. आनंद किशोर, डॉ. दिनेश मिश्रा, संदीप चौहान, कमलेश कुमार आदि ने मरीजों का इलाज किया। वहीं रात के समय यहां डॉ. विद्यासागर और डॉ. विनोद यादव की तैनाती की गई है।
लखनऊ से आई टीम ने किया गांव का भ्रमण
करीमगंज में बुखार से नौ मरीजों की मौत के बाद लखनऊ से शनिवार की रात महामारी विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रकाश, राज्य संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. विपिन शुक्ला की टीम करीमगंज पहुंची। टीम के सदस्यों ने शनिवार रात और रविवार सुबह यहां आने वाले मरीजों का हाल देखा। साथ ही गांव का भ्रमण किया। बुखार से दम तोड़ चुके लोगों के परिजनों से मुलाकात की और व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। टीम सोमवार को भी गांव पहुंचकर बुखार के कारणों और स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की रिपोर्ट तैयार करेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एके पांडेय ने कहा कि करीमगंज गांव की स्थिति में सुधार हो रहा है। बुखार से पीड़ित मरीज ठीक हो रहे हैं। डेंगू के कुछ मरीज और मिले हैं जिन्हें उपचार दिया जा रहा है। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। बुखार से पीड़ित दो लोगों की मौत होने की जानकारी मिली है।