दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल का दशहरे की तीन दिन की छुट्टियों में करीब दो लाख से ज्यादा लोगों ने दीदार किया। दशहरा, मुहर्रम और गांधी जयंती के तीनों दिन भारी भीड़ के कारण ताजमहल पर व्यवस्थाएं चरमरा गईं। पार्किंग से लेकर प्रवेश टिकट और मुख्य गुंबद में प्रवेश के लिए मारामारी रही।
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बैटरी बसें और गोल्फ कार्ट नाकाफी साबित हुई। फलस्वरूप सैलानियों को 800 मीटर दूर शिल्पग्राम और अमरूद टीला पार्किंग तक पैदल ही जाना पड़ा। बुजुर्ग, दिव्यांग, महिला और बच्चों को पांच से सात घंटे कतार में लगने के बाद पार्किंग तक पैदल जाना परेशानी का सबब बना रहा।
ताजमहल के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी बुकिंग काउंटर पर तीन दिन में 1,27,677 टिकट बिके। 15 साल तक के बच्चों का प्रवेश निशुल्क होने के कारण करीब दो लाख सैलानियों ने इन दिनों में ताज का दीदार किया। भारी भीड़ के कारण ताज में पांच से सात घंटे का समय लगा। आम दिनों में ताजमहल पर एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है।
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टिकट से लेकर गुंबद तक कतार ही कतार
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के प्रवेश टिकट के लिए इन तीन दिन में मारामारी रही। शिल्पग्राम और पश्चिमी गेट, सहेली बुर्ज के टिकट काउंटरों पर लंबी-लंबी कतार रहीं। टिकट के लिए पर्यटकों को एक- दो घंटे का इंतजार करना पड़ा।
ऑनलाइन उपलब्धता के बावजूद पर्यटकों ने काउंटर से ही टिकट खरीदा। हर टिकट के मुद्रित होने और खरीदने में करीब 30 सेकेंड का समय लगा। इस वजह से लोगों का इंतजार और बढ़ा। पूर्व में मुद्रित टिकटों में समय कम लगता था, समूहों को नंबर के मुताबिक टिकट तुरंत थमा दिए जाते थे।
ताज के अंदर डेढ़ किमी लंबी कतार
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
भारी भीड़ के कारण तीनों दिन ताजमहल में सेंट्रल टैंक के दाएं और जलमहल की ओर से घुमाते हुए मेहमान खाने से भारतीय पर्यटकों का प्रवेश कराया गया। सेंट्रल टैंक से ही चमेली फर्श का पूरा चक्कर और फिर ऊपर मुख्य गुंबद पर पूरा चक्कर काटने के बाद ही भारतीय पर्यटकों को प्रवेश मिला।
यह कतार करीब 1500 मीटर लंबी थी, जिसमें साढ़े चार हजार से ज्यादा लोग कतार में लगे रहे। शाम को छह बजे ताजमहल बंद होने के बाद करीब ढाई से चार हजार लोग गुंबद में प्रवेश से वंचित रहे और मायूस लौटे। भारी भीड़ देख कई सैलानी मुख्य गुंबद की जगह सेंट्रल टैंक से फोटोग्राफी कराकर लौट गए।
बैटरी बसें खराब, ऑटो ने वसूला मनमाना किराया
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
ताज पर आगरा विकास प्राधिकरण की बैटरी बसों और गोल्फ कार्ट ओवरलोडिंग का शिकार होकर दोपहर में ही बंद हो गईं। भीड़ के कारण ज्यादा चक्कर लगाने से दोपहर बाद बैटरी ऑटो ने मनमाने किराए वसूले। तांगों और रिक्शा चालकों ने पार्किंग तक के लिए 50 से 100 रुपये प्रति सवारी वसूला। हजारों सैलानियों को पैदल ही पार्किंग तक आना पड़ा।