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ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में घर से भागी दो छात्राएं, पूरा करना था टारगेट

Thu, 14 Sep 2017 08:53 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, आगरा
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blue whale
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कई मासूम बच्चों की आत्महत्या का सबब बन चुके ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में पड़कर आर्मी पब्लिक स्कूल की कक्षा नौ की दो छात्राएं घर छोड़कर भाग गई। दोनों को गेम में पहला टास्क घर के बल्ब फोड़ने का मिला था। इसे पूरा कर दिया।
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दूसरा टास्क घर छोड़कर भागने का। इसे पूरा करने के लिए मंगलवार को स्कूल के लिए निकलने के बाद ट्रेन में बैठकर चल दीं। उनके परिवारीजनों से जीआरपी को मिली सूचना पर उन्हें भोपाल से आगे होशंगाबाद में उतारा गया।

वहां दो दिन बाल कल्याण समिति ने उनकी काउंसलिंग कर गुरुवार को उन्हें उनके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया। दोनों की उम्र 15 साल है। एक के पिता सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। दूसरी के फर्नीचर व्यवसायी हैं। उनके मोबाइल पर 10 सितंबर को ब्लू व्हेल गेम का लिंक आया था।
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उन्होंने इसे डाउनलोड किया। पहला टास्क बल्ब फोड़ने का मिला, तो डर गई। इसके बाद मोबाइल पर संदेश आए कि अगर टास्क पूरा नहीं किया तो उनके साथ अनिष्ट हो जाएगा। इस पर उन्होंने बल्ब फोड़़ दिए।
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दोनों ने आपस में बात की और प्लान बनाया

blue whale - फोटो : blue whale
इसके बाद दूसरा टास्क घर छोड़कर जाने का मिला। दोनों छात्राओं की पक्की दोस्ती है। दोनों ने आपस में बात की और प्लान बना लिया। मंगलवार की सुबह यूनिफार्म पहनकर स्कूल के लिए निकली।

लेकिन स्कूल जाने के बजाय कैंट स्टेशन से भोपाल के लिए बैठ गई। भोपाल पहुंचकर दूसरी ट्रेन में मुंबई के लिए बैठ गई। उधर स्कूल की छुट्टी के बाद घर न पहुंचने पर परिवारीजनों को चिंता हुआ। उन्होंने सदर थाना पुलिस को बताया।

तभी एक छात्रा के पिता को परिचित ने फोन पर बताया कि उनकी बेटी भोपाल में ट्रेन में सहेली के साथ देखी गई है। सीओ सदर उदयराज सिंह ने बताया कि इसकी सूचना जीआरपी को दी गई।

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जीआरपी ने दोनों छात्राओं को भोपाल से आगे होशंगाबाद में उतार लिया। वहां उन्होंने ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में आने की जानकारी दी तो उनकी बाल कल्याण समिति से काउंसलिंग कराई गई। इसकेबाद उन्हें गुरुवार को परिवार को सौंप दिया गया।
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