कई मासूम बच्चों की आत्महत्या का सबब बन चुके ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में पड़कर आर्मी पब्लिक स्कूल की कक्षा नौ की दो छात्राएं घर छोड़कर भाग गई। दोनों को गेम में पहला टास्क घर के बल्ब फोड़ने का मिला था। इसे पूरा कर दिया।
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दूसरा टास्क घर छोड़कर भागने का। इसे पूरा करने के लिए मंगलवार को स्कूल के लिए निकलने के बाद ट्रेन में बैठकर चल दीं। उनके परिवारीजनों से जीआरपी को मिली सूचना पर उन्हें भोपाल से आगे होशंगाबाद में उतारा गया।
वहां दो दिन बाल कल्याण समिति ने उनकी काउंसलिंग कर गुरुवार को उन्हें उनके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया। दोनों की उम्र 15 साल है। एक के पिता सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। दूसरी के फर्नीचर व्यवसायी हैं। उनके मोबाइल पर 10 सितंबर को ब्लू व्हेल गेम का लिंक आया था।
उन्होंने इसे डाउनलोड किया। पहला टास्क बल्ब फोड़ने का मिला, तो डर गई। इसके बाद मोबाइल पर संदेश आए कि अगर टास्क पूरा नहीं किया तो उनके साथ अनिष्ट हो जाएगा। इस पर उन्होंने बल्ब फोड़़ दिए।