कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में भीड़ के दबाव को कम करने के लिए प्रबंधन ने मंदिर के दो गेट बंद कर देने का निर्णय लिया है। अब भक्तजन मुख्य गेट से ही मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। वीआईपी के दर्शन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
द्वारिकाधीश मंदिर के अधिकारी वैद्य अशोक कुमार शर्मा व मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि द्वारिकाधीश महाराज में केवल मुख्य द्वार से ही भक्त श्रद्धालु प्रवेश कर सकेंगे।
मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज और काकरोली युवराज डॉ. वागीश कुमार के निर्देशानुसार कोरोना वायरस को देखते हुए केवल मुख्य द्वार से ही दर्शनार्थियों को दर्शन के लिए बुलाया जाएगा और इसी द्वार से उनको बाहर निकाला जाएगा। अन्य दो गेटों को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अग्रिम आदेशों तक वीआईपी दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है। उन्होंने धर्म प्रेमी जनता से इस महामारी से निपटने के लिए सहयोग करने की अपील की है। विदित है कि बुधवार से मंदिर के दर्शन के समय में कटौती पहले ही की जा चुकी है।
राधाकुंड में 17 मंदिरों के पट बंद
उधर, कस्बा राधाकुंड के प्राचीन श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के 17 मंदिरों के पट बंद गिए गए हैं। मंदिरों में अंदर से सेवा पूजा रहेगी। गद्दीनशीन महंत बाबा केशव दास महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिरों के पट बंद करने का फैसला लिया गया है।
राधाकुंड की प्राचीन गद्दी से हजारों अनुयायी भक्त जुड़े हैं। इसके अलावा रोजाना राधाकुंड-श्याम कुंड की परिक्रमा करते हुए स्थानीय लोग दर्शन करते हैं।
प्राचीन गद्दी के राधाकुंड में राधा गोपी नाथ मंदिर, राधा काला चांद मंदिर, दास गोस्वामी मंदिर, राधा गोविंद देव, श्रीश्री जिव्या मंदिर, श्रीगदाधर चेतन मंदिर, मदन गोपाल मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, निताई गौर मंदिर, राधा विनोद मंदिर, राधा ब्रजबिहारी मंदिर, तमाल तला महाप्रभु मंदिर, नया निताई गौर मंदिर, राधारमन मंदिर बराकुली,राधाकांत मंदिर के दर्शन भक्तों के लिए बंद रहेंगे।