फैंचरी और बाटी गांव में चार किलोमीटर का अंतर है। सतेंद्र चौधरी पेशे से खेतीबाड़ी करता था। काफी पुरानी दोस्ती होने के कारण खेतों पर काम के लिए अभिषेक को बुला लिया करता था।
दोनों की गहरी दोस्ती देखकर सतेंद्र के परिजनों ने कई बार टोका, पर वो नहीं माना। सीओ सदर रमेश तिवारी के अनुसार सतेंद्र ने इसी रोका-टोकी की वजह से फरवरी 2020 में जहर खाकर जान देने की कोशिश भी की थी।
अविवाहित था अभिषेक
सतेंद्र चौधरी के दो बेटे हैं। एक बेटा मंजीत 10 साल और दूसरा लोकेंद्र छह साल का है। जबकि अभिषेक अविवाहिता था। सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने मौके से तथ्य जुटाए हैं।
हालांकि कुछ खास हाथ नहीं लग सका। वृंदावन पुलिस ने जरूर मौके से एक शराब का पाउच और पानी के चार पाउच बरामद किए हैं। इससे लग रहा है कि दोनों ने शराब पीने के बाद आत्महत्या की होगी।