आगरा के थाना एकता क्षेत्र में बकाया रकम लौटाने के नाम पर चचेरे भाइयों को युवक ने बहाने से बुलाकर बंधक बना लिया। कार में डालकर मारपीट कर खाते से यूपीआई के जरिए 43 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। स्टांप पेपर पत्हस्ताक्षर करवाकर माेबाइल रीसेट कर रास्ते में छोड़ दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद और 10 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित सोनू निवासी शाहपुर खालसा, थाना मनसुखपुरा ने बताया कि वह खेतीबाड़ी कर परिवार चलाते हैं। नवामील क्षेत्र निवासी बहादुर सिंह ने उनके भाई बीपी सिंह की नौकरी लगवाने के नाम 50 हजार रुपये लिए थे। इसके साथ ही उनकी बुआ के लड़के निबोहरा निवासी राजेंद्र सिंह ने बहादुर सिंह की मध्यस्थता में बोदला क्षेत्र में एक प्लॉट के लिए रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर रुपये दिए थे। उस मामले में भी आरोपी पर 2.5 लाख रुपये बकाया थे। 16 मार्च को शाम करीब 7:20 बजे बहादुर सिंह ने उसे व्हाट्सएप कॉल कर रमाडा कट पर बुलाया, कहा कि बीपी सिंह की नौकरी लगवाने को लिए 50 हजार रुपये में से 48 हजार उसने ऑनलाइन भेज दिए हैं। पूर्व में 29 अगस्त 2025 को कराई गई प्लॉट रजिस्ट्री के 2.50 लाख रुपये का भी हिसाब करना है। रुपये भेज भरोसा दिलाने के बाद राजेन्द्र सिंह को साथ लेकर आने को कहा।
पीड़ित के अनुसार वह और राजेन्द्र सिंह जब सर्विस रोड, रमाडा होटल के पास पहुंचे तो वहां बहादुर सिंह के साथ करीब 10 लोग पहले से घात लगाए बैठे थे। पहुंचते ही सभी ने हमला कर दिया। दोनों को गंभीर रूप से घायल कर जबरन अलग-अलग गाड़ियों में डालकर अपहरण कर लिया। आरोपियों ने सोनू से जबरन यूपीआई की जानकारी ली और उसके खाते से 43 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद मोबाइल की सिम निकालकर फोन रीसेट कर दिया। करीब 4 घंटे तक रोहता नहर, इटोरा और ग्वालियर रोड समेत विभिन्न स्थानों पर घुमाते हुए बेरहमी से पीटा।