दुकान खाली करने की रंजिश में युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने थाना मलपुरा क्षेत्र के गांव इटोरा निवासी युवराज और गीताराम दोनों सगे भाइयों को दोषी माना। एडीजे-17 नितिन कुमार ठाकुर ने दोनों को आजीवन कारावास और 9-9 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
मलपुरा थाने में दर्ज केस के अनुसार, इटौरा निवासी हजारीलाल ने तहरीर दी थी। बताया था कि आरोपी युवराज और गीता राम से दुकान खाली करने की रंजिश चली आ रही थी। दोनों आरोपी कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके थे। 3 जुलाई 2010 की रात करीब 12 बजे मेरी मां भूरी देवी पिता रामप्रसाद और भाई टीकम दुकान के पीछे पड़े टीन शेड के नीचे सो रहे थे।
देर रात आरोपी अपने परिजन के साथ वहां हथियार लेकर आ गए और गाली-गलौज देते हुए बोले कि रामप्रसाद तुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। आरोपियों की आवाज सुनकर मां भूरी देवी और भाई टीकम भी जाग गए। उनके विरोध करने पर युवराज और सुल्तान ने पिता को गोली मार दी। मां ने बचाने का प्रयास किया तो गीताराम और प्रेमचंद ने उन्हें तमंचे की बट से घायल कर दिया।