कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय ने जानलेवा हमले, दंगा करने आदि के दो आरोपियों को जमानत नहीं दी। कोर्ट ने दोनों की अर्जी को खारिज कर दिया।
तीर्थ नगरी सोरोंजी के मोहल्ला रामसिंहपुरा निवासी मनोज कुमार 23 अक्टूबर 2025 को शाम करीब 6:30 बजे अपने प्लॉट से बाइक पर घर लौट रहा था। उसी समय मुकीश अहमद अपनी स्कॉर्पियो कार को बैक कर रहा था । कार का पिछला टायर मनोज के बाएं पैर पर चढ़ गया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे गालियां देना शुरू कर दिया और हाथापाई करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
किसी तरह बचकर निकले मनोज, जब शाम करीब 7 बजे खरीदारी के लिए घर से बाहर निकले तो आरोपी मुकीश अहमद ने दोबारा उन्हें रोककर गालियां दीं और दुकान के सामने बुलाकर मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। इसी बीच रियाज, मुकीश और रिजवान ने अपने लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग कर दी। इससे क्षेत्र में भगदड़ मच गई। आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले दंगा करने और धमकी देने आदि आरोपों में 24 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। मुकीश और रियाज अहमद ने अपनी जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने केस डायरी में मौजूद तथ्य, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अर्जी खारिज कर दी।