स्मॉग के कारण सुबह का नजारा कुछ ऐसा होता है।
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आगरा में नेशनल हाईवे अथारिटी के अफसरों की लापरवाही के कारण ताजनगरी के लोगों के फेफड़ों में बीते साल के मुकाबले ज्यादा प्रदूषक तत्व पहुंच रहे हैं। हर सांस बीते साल के मुकाबले ज्यादा जहरीली हुई है। यह खुलासा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में हुआ है। 2017 के मुकाबले 2018 में 25 फीसदी तक ज्यादा प्रदूषण रहा है। रामबाग और नुनिहाई में सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा है।
बोर्ड ने सिकंदरा से लेकर टूंडला तक हाईवे के निर्माण का सर्वे किया, जिसमें कहीं भी पानी का छिड़काव होते नहीं पाया गया और एक भी जगह कर्टेन नहीं लगाया गया, जबकि कमिश्नर को हाईवे के अफसरों ने फर्जी रिपोर्ट सौंप दी थी। उसी के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच कराई गई तो सच सामने आ गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नेशनल हाईवे के निर्माण के दौरान धूल कणों को रोकने के उपाय देखने के लिए जांच की थी। नेशनल हाईवे का सिकंदरा से लेकर टूंडला तक बुरा हाल तो मिला ही, कहीं पर भी धूल कणों को रोकने के लिए पानी का छिड़काव नजर नहीं आया। जहां पर खोदाई की जा रही है, वहां एक भी जगह कर्टेन का प्रयोग नहीं किया गया। इससे धूल के कारण हाईवे पर चलना भी मुश्किल है।
बोर्ड ने गुरुवार को नेशनल हाईवे अथारिटी के डिप्टी जनरल मैनेजर को ताज ट्रिपेजियम जोन में धूल कणों को रोकने के लिए निर्माण कार्य स्थल पर पानी का छिड़काव करने तथा सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 के मुताबिक उपाय करने को कहा है। बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में हर जगह का फोटो भी लगाया है।