रेल यात्री के ट्वीट पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु के निर्देश पर रेल अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए इटावा और टूंडला स्टेशन पर बीमार बच्चे के उपचार के साथ एक लीटर दूध उपलब्ध कराया। इटावा स्टेशन पर इस दौरान ट्रेन 10 मिनट तक खड़ी रही।
टेक्नोलॉजी के जरिए रेलवे का मानवीय चेहरा सामने आ रहा है। सीधे रेलमंत्री तक रेल यात्रियों की पहुंच से लापरवाह रेलवे अधिकारी बेशक परेशान हों, लेकिन रेल यात्रियों को तुरंत मदद मिलने के साथ शिकायतों का समाधान हो रहा है। मंगलवार को भी ऐसा ही वाक्या पेश आया। वाराणसी जोधपुर मरुधर एक्सप्रेस से बी-1 कोच की बर्थ नंबर एक और चार पर ज्ञानेश्वर कुमार अपनी पत्नी और बेटे के साथ सफर कर रहे थे। वाराणसी से गोटन तक की यात्रा के दौरान ज्ञानेश्वर ने सोनू मिश्रा के ट्विटर एकाउंट से रेल मंत्री सुरेश प्रभु को ट्वीट कर बताया कि उनके 15 माह के बच्चे आदित्य मिश्रा को बहुत तेज बुखार और उल्टी हो रही है।... प्लीज कुछ करिए। इस ट्वीट पर रेलमंत्री ने यात्री का पूर्ण विवरण मांगा और चिकित्सक व अन्य आवश्यकता का आश्वासन दिया। ज्ञानेश्वर ने कोच नंबर के साथ पीएनआर और बर्थ नंबर का ब्योरा दिया और एक लीटर दूध की भी जरूरत बताई। रेल मंत्री ने उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक और डीआरएम इलाहाबाद को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए तो रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के 8:15 बजे इटावा पहुंचने पर वाणिज्य निरीक्षक एवं अन्य रेल कर्मचारियों के साथ डा. खुशवीर सिंह ने यात्री को अटेंड कर बच्चे का उपचार किया व दूध दिया। रेलगाड़ी के टूंडला स्टेशन पर पहुंचने पर यात्री को पुन: अटेंड किया गया और बच्चे की तबियत की जानकारी ली गई। रेलयात्री ज्ञानेश्वर कुमार ने ट्वीट कर रेलमंत्री को इन शब्दों के साथ आभार जताया कि ‘Thanks dear prabhu sir thank-you so much for this service my baby was now feel better of your medical..’