पंचोत्सव के पहले दिन धनतेरस पर कारोबारियों पर जमकर धन वर्षा हुई। दोपहर तक मंदी का अंदेशा जता रहे व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर शाम होते-होते ग्राहकों का सैलाब सा उमड़ पड़ा। सराफा हो या ऑटो मोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स हो या बर्तन या फिर गिफ्ट और मिठाइयां, सभी की बिक्री जबरदस्त रही। धनतेरस पर बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ के कारण हर तरफ जाम रहा। करीब 500 करोड़ रुपये का कारोबार धनतेरस पर हुआ है।
धनतेरस पर दोपहर एक बजे के बाद से रात 10 बजे तक बाजारों में भीड़ रही। सराफा बाजार में मां लक्ष्मी की कृपा सबसे ज्यादा बरसी। सराफा, ज्वेलरी और बुलियन में करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। चांदी के सिक्कों में 10 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के सिक्के तथा 100 ग्राम का नोट सबसे ज्यादा बिका। शहर के पुराने और प्रतिष्ठित चांदी शोरूमों पर चांदी के सिक्कों की मांग ज्यादा रही। पुराने सिक्कों की भी लोगों को तलाश रही, लेकिन नए 99.9 शुद्धता वाले सिक्के ही ज्यादा रहे। चांदी के साथ सोने और डायमंड की चमक भी खूब रही। तनिष्क शोरूम के संचालक अनुराग बंसल के मुताबिक ,बीती दिवाली के मुकाबले ज्वेलरी पर जोर ज्यादा है। ग्राहक सोने के सिक्के खरीदने की जगह ज्वेलरी खरीद रहे हैं। सिक्के केवल रखने और निवेश के लिए ही उपयोग हो पा रहे थे, जबकि महिलाओं के लिए सोने के आभूषण सिक्कों से ज्यादा महत्वपूर्ण रहे।
एसयूवी ने भरा फर्राटा
ऑटो मोबाइल में करीब 4,500 दोपहिया वाहन बिके। धनतेरस पर पुराने रिकार्ड को देखते हुए कंपनियों ने पहले ही सप्लाई बढ़ा दी थी। हालांकि मोटर साइकिल का बाजार हल्का रहा और स्कूटी ज्यादा बिकी, लेकिन देहात के क्षेत्रों में मोटर साइकिल की बिक्री ने इस अंतर को पाट दिया। कार बाजार में एसयूवी कारें ज्यादा बिकीं। ऑटो मोबाइल में 160 करोड़ रुपये केवाहनों की बिक्री रही। मारुति, हुंडई, फाक्सवैगन, होंडा, महिंद्रा, रेनो, शेवरले, टोयटा, टाटा, निसान, फोर्ड आदि कंपनियों की कारें बीते साल से ज्यादा बिकीं। कार शोरूम संचालक सचिन अग्रवाल के मुताबिक, कई कारों पर एक से चार महीनों की वेटिंग थी, अन्यथा कारों की बिक्री का आंकड़ा कहीं ज्यादा होता।
वैराइटी ने बढ़ाई बर्तनों की चमक
धनतेरस पर स्टील के बर्तनों की डिमांड खूब रही। कभी चम्मच खरीदकर धनतेरस मनाने वालों ने भी बड़ी खरीद की। वैराइटी के कारण बर्तन शोरूम और दुकानों पर पहुंचे लोग खाली नहीं लौट सके। कांच और पीतल, तांबे के साथ स्टील के बर्तनों के प्रयोग ने लोगों को बर्तन खरीदने को मजबूर कर दिया। इलेक्ट्रानिक्स बाजार में भी चमक रही। कर्व और अल्ट्रा एचडी टीवी की मांग में इजाफा हुआ, वहीं माइक्रोवेव और ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन जरूरतमंद परिवारों में खूब पहुंचे। 40 करोड़ का बर्तन बाजार और 60 करोड़ रुपये का इलेक्ट्रानिक्स कारोबार धनतेरस पर हो गया।