अछनेरा के गांव तुरकिया में जिस जमीन के लिए गंभीर सिंह ने दोस्त के साथ मिलकर भाई सत्यभान, भाभी पुष्पा और उनके चार बच्चों कन्हैया, आरती, गुड़िया और प्रिया की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। अब वो जमीन नहीं रही। इस हत्याकांड के बाद सबकुछ बिक गया...
आगरा के थाना अछनेरा के गांव तुरकिया में 12 साल पहले जिस जमीन के लिए 7 लोगों की हुई उसको बरतने वाला कोई नहीं बचा। सत्यभान का परिवार खत्म हो गया। भाई गंभीर सिंह को जेल भेज दिया गया था। परिवार में एक बीघा जमीन और एक मकान था। एक भाई की हत्या, दूसरे भाई के जेल जाने के बाद तीसरे भाई ने घर छोड़ दिया। दिल्ली में जाकर बस गया। गांव के लोगों में चर्चा है कि उसने मकान और गांव की जमीन को बेच दिया।
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गांव के लोगों ने बताया कि वर्ष 2007 में सत्यभान की मां आशा उर्फ मुन्नी देवी की भी हत्या हुई थी। इस मामले में सत्यभान और उसके भाई गंभीर सिंह को जेल भेजा गया था। घटना के पीछे जमीन का विवाद बताया गया। गंभीर को जमीन नहीं मिली। आरोप था कि इस पर ही गंभीर ने 9 मई, 2012 को अपने दोस्त के साथ सगे भाई और उसके परिवार को खत्म कर दिया था।
उसे फांसी की सजा होने के बाद उसके छोटे भाई कन्हैया और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर उस जमीन को बेच दिया। जिस जमीन के लिए परिवार के सात लोगों की हत्या की गई, अब गांव में वह भी नहीं बची है। घटना के बाद से गंभीर से छोटे भाई कान्हा और परिवार के अन्य लोगों ने दूरी बना ली थी।