भाई-भाभी और चार बच्चों की हत्या के मामले में दोषी सिद्ध हुए गंभीर सिंह के सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद सबसे ज्यादा दहशत में मुकदमा दर्ज कराने वाले महावीर सिंह का परिवार है। उन्होंने हत्याकांड के बाद भी सात साल तक बाहर रहकर केस में पैरवी की थी। अब जब मुख्य आरोपी बनाए गए गंभीर सिंह के बरी होने का पता चला तो सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
आगरा के थाना अछनेरा के गांव तुरकिया में हुए हत्याकांड के मामले में 12 साल बाद सजायाफ्ता के बरी होने से मुकदमे के वादी महावीर सिंह का परिवार दहशत में हैं। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। परिवार के सदस्यों ने डर की वजह से घर से निकलना भी बंद कर दिया है। पीड़ित का कहना है कि अभी तक पुलिस सुरक्षा नहीं मिली है।
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गांव तुरकिया निवासी सत्यभान, उनकी पत्नी और चार बच्चों की हत्या 9 मई 2012 कर दी गई थी। अरदाया निवासी महावीर सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में एडीजे कोर्ट से आरोपी गंभीर सिंह को फांसी की सजा हुई थी। हाईकोर्ट ने भी सजा को बरकरार रखा था। जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने विवेचना में खामियां मिलने पर गंभीर सिंह को बरी करने का आदेश दिया। वह फिलहाल जेल में बंद है लेकिन गांव के लोगों में दहशत है।
मुकदमा दर्ज कराने वाले महावीर सिंह को जब से गंभीर सिंह के बरी होने का पता चला है, तब से वह घर से बाहर नहीं जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस आई थी और पूछकर चली गई। उनकी और परिवार की सुरक्षा के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने पुलिस आयुक्त से सुरक्षा की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में पुलिस प्रतिदिन जा रही है। परिवार से जानकारी ली जा रही है। गश्त भी बढ़ा दी गई है।