आगरा। जीवनी मंडी वाटरवर्क्स के दूसरे गेट और हनुमान मंदिर के बीच प्राथमिक स्कूल से महज 20 मीटर दूरी पर बनाए जा रहे कूड़े के फिक्सड कॉंपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन मामले में ताज ट्रेपेजियम जोन अथॉरिटी ने नगर निगम से जवाब मांगा है।
छत्ता जोन के वार्डों का 100 मीट्रिक टन कचरा हर दिन इसी कॉम्पेक्टर ट्रांसफर स्टेशन पर आना है। मंदिर और स्कूल के पास कूड़ाघर बनाने के इस मामले में पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने टीटीजेड चेयरमैन से शिकायत की है। जीवनी मंडी में नगर निगम ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 100 मीट्रिक टन क्षमता का कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनाने का काम शुरू किया है। इसके खिलाफ क्षेत्र के निवासियों ने संस्था हील द हील्स के जरिये आपत्ति दर्ज कराई।
संस्था सचिव चैतन्य सिंह ने मंडलायुक्त और टीटीजेड चेयरमैन से निर्माण रुकवाने के लिए कहा है। नगर निगम सिंचाई विभाग की शाही कैनाल के पास खाली जमीन पर कूड़ा घर (फिक्सड कॉम्पेक्टर ट्रांसफर स्टेशन) का निर्माण शुरू करा चुका है। बीते पखवाड़े ही मेयर ने इसका शिलान्यास किया। डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि राजस्व अभिलेख में यह नहर की जमीन है, जिस पर निर्माण नहीं किया जा सकता। यह बारिश के पानी को निकालने में उपयोग की जा रही है, कूड़ाघर के निर्माण से इसमें बाधा आएगी।
पास ही दो सरकारी स्कूल हैं, जिनमें सैकड़ों बच्चे पढ़ाई करते हैं। पूरे दिन दुर्गंध के कारण कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाएगा। टीटीजेड अथॉरिटी ने इस मामले में अब नगर निगम से जवाब मांगा है। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि टीटीजेड ने शिकायत पर रिपोर्ट मांगी है। हम बिंदुवार उनका जवाब दे रहे हैं। ट्रांसफर स्टेशन निर्माण में कोई उल्लंघन नहीं किया गया।