छत्तीसगढ़ में भाजपा ने एक बड़ा दांव खेला है। वह खरसिया की कांग्रेस सीट पर सुराख करने के लिए एक आईएएस अफसर को चुनाव में उतारने की तैयारी में है। ये नाम हो सकता है रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी का। सूत्रों के अनुसार ओपी चौधरी ने अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है, जिसे कुछ घंटे पहले ही स्वीकार करने की सूचना मिल रही है।
ओपी चौधरी 2005 बैच के आइएएस हैं। रायगढ़ जिले के बायंग गांव के अघरिया पटेल समाज से आते हैं। यह गांव खरसिया विधानसभा का हिस्सा है। इस क्षेत्र में पटेल समाज की बहुतायत है। कांग्रेस के दिवंगत नेता नंद कुमार पटेल यहीं से थे। उनके पुत्र उमेश पटेल अभी खरसिया के विधायक हैं। भाजपा पटेल बहुल इस क्षेत्र में अपने पुराने नेताओं के भरोसे जीत की बेहद कम संभावना देख रही है। ऐसे में वे ओपी का इस्तेमाल करना चाहते हैं। ओपी अघरिया समाज के युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं। समाज उन्हें यूथ ऑइकान मानता है, ऐसे में पार्टी ओपी पर दांव लगा रही है। मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह ओपी को अगली सरकार में महत्वपूर्ण पद देने का व्यक्तिगत वादा कर चुके हैं।
ये है ओपी चौधरी का परिचय
ओपी चौधरी की जन्मतिथि है 2 जून 1981 है। फिलहाल 31 मार्च 2016 से रायपुर जिले के कलक्टर हैं। उससे पहले वे जांजगीर-चांपा जिले के कलक्टर थे। चौधरी अभी तक आधा दर्जन से अधिक जिलों का प्रशासन संभाल चुके हैं। उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने दंतेवाड़ा कलक्टर रहते हुए जावंगा में एजुकेशन हब का निर्माण कराया। केंद्र सरकार ने 2011 में उन्हें लोक प्रशासन में उत्कृष्टता का प्रधानमंत्री पुरस्कार दिया। ओपी की पत्नी अदिति भी 2016 बैच की आइआरएस हैं.