मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मरीजों से हाल पूछती हुईं
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आगरा में कोरोना महामारी से निपटने के लिए मिले चिकित्सकीय उपकरण बदहाल हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकीय स्टाफ के न होने से सी-पैप मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लग जाने के बाद ऑक्सीजन कंसंट्रेटर स्टोर रूम में बंद हैं। इससे मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने पर जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 8 सी-पैप मशीनें मिली। विशेषज्ञों के अभाव जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। ये स्टोर में बंद हैं। 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में करीब 500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले थे। इनका रखरखाव बेहतर नहीं होने से कई बदहाल हैं। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के बाद इनका उपयोग नहीं हाे पा रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि सी-पैप और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की सुरक्षित रखे हैं, जरूरत पर इस्तेमाल करते हैं।
जीवनरक्षक उपकरणों का इलाज में हो इस्तेमाल
ब्लाक प्रमुख खंदौली आशीष शर्मा का कहना है कि कोरोना महामारी के वक्त सरकार ने महंगे जीवनरक्षक उपकरण और मशीनें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिए थे। अब कोरोना का प्रकोप नहीं है तो इनका उपयोग जरूरतमंद मरीजों के लिए किया जाए, जिससे मरीजों को नजदीक ही बेहतर इलाज मिल सके।
गंभीर मरीजों के इलाज के लिए कर रहे व्यवस्था
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जीवनरक्षक उपकरणों से सीएचसी पर भी गंभीर मरीजों के इलाज के स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। एसएन के टेलीमेडिसिन सेंटर से विशेषज्ञ की निगरानी में स्टाफ सेवाएं देंगे। सी-पैप और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जरूरत पर उपयोग करते हैं।